अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
प्रशासन का पॉलिथीन बैन का अभियान कमिश्नर अशोक बंसल के छुट्टी पर जाते ही पहले ही दिन फेल हो गया। 20 वार्डों की अलग-अलग बनाई गई टीम ने न तो शहर में कोई जागरूकता अभियान चलाया और न ही चालान काटे। कोई टीम फील्ड में ही नहीं निकली। कमिश्नर और सीटीएम की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई मीटिंग में अधिकारियों के दिए गए निर्देश हवा-हवाई हो गए। केवल पॉलिथीन बैन करने की मुहिम को लेकर की गई मीटिंग की रिपोर्ट सरकार तक भेजने और बिना कुछ किए ढिंढोरा पीटने के अलावा अधिकारियों की कोई प्लानिंग नहीं।
पॉलीथिन के थोक विक्रेता पहुंचे निगम, मांगा एक सप्ताह का समय
प्रशासन के पहले दिन किए गए मीटिंग के ढोंग को अखबार में पढ़कर केवल थोक विक्रेता जरूर निगम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नगर निगम ईओ इंद्रजीत कुलल्हड़िया से मुलाकात की और कहा कि जीएसटी के चक्कर में उन्होंने अधिक माल खरीद लिया। अब इस माल को नहीं बचेंगे तो उन्हें भारी नुकसान हो जाएगा। इस पर ईओ ने उन्हें कहा कि ये हमारी जिम्मेवारी नहीं है। किसी तरह की छूट नहीं मिलेगी। प्रशासन अपना काम करेगा। अगर किसी थोक विक्रेता या दुकान पर पॉलिथीन मिलते हैं तो टीमें चालान करेंगी, जुर्माना वसूलेंगी। अगर जुर्माना नहीं दिया तो कोर्ट में केस डाल दिया जाएगा।
कमिश्नर ने मांगी पांच जुलाई तक प्रगति रिपोर्ट
नगर निगम कमिश्नर ने शुक्रवार को कार्यालय के मीटिंग हॉल में हुई मीटिंग में निर्देश दिए थे कि शनिवार से ही टीमें अपने-अपने वार्ड में काम करना शुुरू कर देंगी। ये लगातार अपने वार्ड में हर रोज एक से दो घंटे आम लोगों को जागरूक करने, छापा मारकर चालान करेगी। सभी टीमें अपने कार्य की प्रगति रिपोर्ट हर हाल में पांच जुलाई को अपडेट करवाएं।
सात दिन का मिलेगा समय : जुर्माना भरो या भुगतो कोर्ट के चक्कर
वार्ड वाइज टीमें फील्ड में जाएंगी। ये सभी टीमें मौके पर पॉलीथिन मिलने वाले दुकानदार का चालान भरेंगी। चालान में सात दिन का समय दिया जाएगा। चालान करने के बाद दुकानदार को निगम कार्यालय पहुंचना होगा। निगम कार्यालय पहुंचकर या तो वे निगम से जुर्माना भरकर समझौता कर लेंगे, अगर ऐसा नहीं हुआ तो चालान कोर्ट में पेश कर दिया जाएगा। इसके बाद दुकानदार को कोर्ट के चक्कर काटने पड़ेंगे।
जेसी, एसडीएम से लेकर कई बड़े अधिकारियों की ड्यूटी नहीं ले रहे गंभीर
कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में वार्ड वाइज जो 20 टीमें बनाई गई थीं, उसमें ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी चेतल खुद, एसडीएम परमजीत चहल, ईओ हुडा सुमित कुमार, तहसीलदार सहित कई बड़े अधिकारी हैं, लेकिन पॉलिथीन को बैन करने संबंधित किसी भी अधिकारी ने पहले दिन ही अपनी ड्यूटी नहीं निभाई।
आज शहर में जाना था, लेकिन थोक विक्रेता निगम कार्यालय पहुंच गए। उन्होंने पॉलिथीन वापस करने के लिए थोड़ा समय मांगा है। मगर हमारी टीम कार्रवाई करेगी। सोमवार से सभी टीमें फील्ड में निकलेंगी।
-इंद्रजीत कुल्हड़िया, ईओ नगर निगम
-20 टीमों में से किसी ने नहीं किए चालान