हिसार। प्रथम चरण में हिसार डिपो को 50 इलेक्ट्रिक बसें मिलेगी। खास बात यह रहेगी कि एक बार चार्ज होने के बाद ये बसें 200 किलोमीटर तक दौड़ेगी। इसको लेकर ट्रैफिक ब्रांच की ओर से रूट प्लान तैयार कर रोडवेज महाप्रबंधक को दिया जा चुका है। अब जल्द ही रोडवेज महाप्रबंधक अधिकारियों की बैठक लेंगे। इन बसों के चलने से जहां एक ओर पर्यावरण दूषित नहीं होगा, वहीं चलते समय बसों से आवाज भी न के बराबर आएगी। इलेक्ट्रिक बसें 9 और 12 मीटर लंबी होंगी।
बता दें, कि दूसरे चरण में हिसार डिपो को 50 और इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। अधिकतर बसों को लोकल रूट पर ही चलाया जाएगा। इस साल अक्तूबर माह में बसें हिसार पहुंचने की उम्मीद है। बसें चलने से खास तौर पर ग्रामीण यात्रियों को फायदा मिलेगा। ग्रामीण रूटों पर बसों को लेकर यात्रियों को आ रही परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
बसों की मांग को लेकर कई बार विद्यार्थी कर चुके प्रदर्शन व रोड जाम
फिलहाल लंबे रूटों पर बसों की कोई समस्या नहीं है। सबसे ज्यादा ग्रामीण रूटों पर विद्यार्थियों और यात्रियों को बसों की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कई बार ग्रामीण रूटों पर बसों की संख्या बढ़ाने को लेकर विद्यार्थी प्रदर्शन कर चुके हैं। कुछ दिन पहले कुलेरी से किरमारा, कनोह, हिसार से उकलाना वाया अग्रोहा, हिसार से भूना रूट पर बसों की सुविधा नहीं मिलने पर विद्यार्थियों ने प्रदर्शन और रोड जाम किया था।
दो माह बाद 40 सामान्य बसें भी पहुंचने की उम्मीद
रोडवेज महाप्रबंधक के अनुसार हिसार डिपो को 40 सामान्य बसें भी मिलनी हैं। इन बसों को मार्च में आना था। मगर अब बसें दो माह बाद पहुंचने की बात कही जा रही है। इसके अलावा इस माह ई-टिकटिंग मशीनें भी पहुंच जाएगी। ई-टिकटिंग मशीनें पहुंचने से जहां एक ओर समय की बचत होगी, वहीं टिकटों में हो रहा फ्रॉड भी खत्म हो जाएगा।
पहले चरण में 50 बसें हिसार डिपो को मिलेंगी। ट्रैफिक ब्रांच की ओर से मेरे पास रूट प्लान आ चुका है। अब अधिकारियों की बैठक कर आगामी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
- राहुल मित्तल, महाप्रबंधक, हिसार डिपो
उधर, अब हिसार में दो और हांसी में एक होगी फ्लाइंग टीम
अभी तक हिसार में तीन और हांसी में एक फ्लाइंग टीम की ड्यूटी थी। मगर अब हिसार में तीन की जगह दो फ्लाइंग काम करेंगी। एक फ्लाइंग हांसी में रहेगी। एक फ्लाइंग टीम में आठ कर्मचारी हैं। जोकि लोकल से लेकर लंबे रूटों पर चलने वाली बसों में चेकिंग करते हैं।