हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के चलते एक मरीज का जबड़ा और एक मरीज की आंख निकालनी पड़ी। बुधवार को अस्पताल में ब्लैक फंगस के 5 मरीजों की मौत हो गई। ब्लैक फंगस से होने वाली मौत का आंकड़ा 56 हो गया है। मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए 1000 इंजेक्शन पहुंचे हैं। अस्पताल में दो दिन का दवा भंडारण हो गया है। शुक्रवार को मरीजों को जरूरत के मुताबिक इंजेक्शन लगे।
ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनीवाल के निर्देशन में वालंटियर ओरल सर्जन डॉ. कन्नू प्रिया एवं दंत विभाग की टीम ने दो मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन किए। उनमें से एक मरीज का लगभग पूरा जबड़ा निकाला गया है। दूसरे के जबड़े की फंगस निकालकर सफाई की गई है। नेत्र रोग, दंत विभाग एवं ईएनटी विभाग की टीम ने 7 मरीजों के आंखों में ऑपरेशन से इंजेक्शन लगाने, दो के नाक के ऑपरेशन किए हैं।
दूसरे फार्मा की दवा पहुंची
शुक्रवार को पहुंची दवा में एंफोटेरेसिन इंजेक्शन लाइपोसोनल की बजाय किसी अन्य फार्मा की है। चिकित्सकों द्वारा यह दवा भी अच्छी बताई जा रही है। सरकार की ओर से आने वाली लाइपोसोनल दवा का परिणाम सबसे अच्छा है। मरीजों को भी इसी दवा पर अधिक विश्वास है। प्रतिदिन अस्पताल में 500 इंजेक्शन की लागत है। ऐसे में यह केवल दो दिन का भंडारण हैं।
इन दिनों नए मरीजों के फेफड़ों में मिल रही फंगस
नेत्र रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण रेवड़ी के अनुसार इन दिनों आने वाले नए मरीजों में फेफड़ों में फंगस अधिक मिल रहा हैं। कारण है कि मरीज देरी से अस्पताल आ रहे हैं। इस लिए सीटी स्कैन करवाने पर ही पता चल पाता हैं। संक्रमण भी तेजी से बढ़ रहा है।
दो वेंटिलेटर व दो ऑक्सीजन स्पोर्ट पर
फिलहाल अस्पताल के म्यूकरमाइकोसिस के 77 मरीज दाखिल हैं। अब तक 236 मामले सामने आ चुके हैं। ब्लैक फंगस के दो मरीज गंभीर हालत के चलते वेंटिलेटर पर और दो मरीज ऑक्सजीन स्पोर्ट पर उपचाराधीन हैं।
इंजेक्शन आ गए हैं
हमारे पास इंजेक्शन आ गए हैं। अब मरीजों को जरूरत के अनुसार पूरी डोज दी गई है। अभी म्यूकरमाइकोसिस वार्ड में 77 मरीज दाखिल हैं और 5 मरीजों की मौत हुई है।
-डॉ. गीतिका दुग्गल, डायरेक्टर, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा।