हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में बुधवार को ब्लैक फंगस के 5 नए मरीज दाखिल किए है। साथ ही एक मरीज की ब्लैक फंगस के कारण मौत हो गई। इनमें सिरसा, भिवानी और जींद के मरीज शामिल है। मरने वाला मरीज जींद का रहने वाला है। ब्लैक फंगस मरीजों के लिए दवाओं का टोटा बना हुआ है। इलाज में कारगर सरकार की ओर से आने वाली दवा नहीं आ रही है।
इलाज में दी जानी वाली पोसाकोनाजोल पिछले 20 दिनों से खत्म है। बुधवार को सरकार की ओर से लाइपोसोनल के केवल 72 इंजेक्शन आए है। अस्पताल में प्रतिदिन इंजेक्शन की लागत अधिक है। बुधवार को ओरल सर्जन, नेत्र रोग एवं ईएनटी विभाग की टीम ने कुल 9 मरीजों के जबड़े के ऑपरेशन किए। इनमें से ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल ने चार जबड़ों के ऑपरेशन किए। इनमें से एक मरीज का जबड़ा निकाला गया है, क्योंकि फंगस के कारण गलन शुरू हो गई थी। बाकी तीन मरीजों के जबड़ों में फंगस निकालकर सफाई की जा रही है। इसके अलावा चार नाक व एक आंख का ऑपरेशन हुआ। अभी भी 10 के आसपास मरीजों के जबड़ों के ऑपरेशन होना बाकी है।
तीन मरीज छुट्टी लेकर गए घर
अस्पताल से बुधवार को तीन मरीज छुट्टी लेकर घर गए है। ऐसे में इन मरीजों ने इलाज के लिए दवा बाहर से खरीदी है। क्योंकि दवा अस्पताल में दाखिल मरीजों को ही नहीं मिल रही है। इस वजह से मरीज बाहर से महंगे दामों पर गोली खरीदने को मजबूर है। इन गोलियों का एक पत्ता 5 हजार के आसपास मिलता है।
ऑपरेशन बड़ा था तो निकालना पड़ा जबड़ा : डॉ. ग्रोवर
मेडिकल कॉलेज हिसार के दंत विभाग से प्रोफेसर डॉ. अनूप ग्रोवर ने बताया कि बुधवार को अस्पताल में म्यूकरमाइकोसिस के 5 नए मरीज दाखिल किए है। एक मरीज की मौत हो गई। जबड़े का एक ऑपरेशन बड़ा था। इसलिए एक मरीज का जबड़ा निकाला गया है।
डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, हिसार।