हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में चौथी स्टेज में पहुंच चुके ब्लैक फंगस यानी म्यूकरमाइकोसिस के 5 मरीजों ने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। इनकी आंख, नाक और जबड़े से लेकर दिमाग तक फंगस पहुंच गया था। जिस कारण गलन शुरू हो गई थी। दवा की कमी के चलते मरीजों में फंगस रुक नहीं पाई। मरने वालों में दो हिसार जिले के निवासी थे। एक फतेहाबाद, एक भिवानी व एक पंजाब निवासी था। ब्लैक फंगस से मरने वालों का आंकड़ा 85 हो गया है। शुक्रवार को अस्पताल में म्यूकरमाइकोसिस के दो नए मरीज दाखिल हुए।
शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज में केवल 67 इंजेक्शन पहुंचे। नई दवा सरकारी दवा की अपेेक्षा सस्ती है। इन इंजेक्शन की कीमत 400 से 700 रुपये के बीच है। शुक्रवार को 09 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी देकर घर भेज दिया गया। इन मरीजों का उपचार लंबा चलेगा । इन्होंने दवा भी इलाज के लिए बाहर से खरीदी है। ब्लैक फंगस इलाज में कारगर गोली कई दिन से अस्पताल में नहीं आ रही है।
ओरल सर्जन डॉ. बंसीलाल बेनिवाल और नेत्र रोग व ईएनटी विभाग की टीम ने शुक्रवार को 8 मरीजों के ऑपरेशन किए। इनमें से एक का जबड़ा निकाला गया।
आठ मरीजों के ऑपरेशन किए : डॉ. ग्रोवर
शुक्रवार को म्यूकरमाइकोसिस के दो नए मरीज दाखिल किए है और पांच की मौत हो गई। हमारी टीम ने मिलकर 8 मरीजों के ऑपरेशन किए। एक मरीज का जबड़ा निकालना पड़ा।
डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, हिसार।
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