हिसार। अब पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सेवाओं के लिए अलग-अलग नंबरों को डायल करने की जरूरत न पड़े। इसको लेकर सोमवार से डायल 112 की शुरुआत हो चुकी है। सोमवार से मंगलवार दोपहर तक 112 नंबर पर पुलिस की मदद के लिए कुल 48 कॉल आई। जिसके तहत पुलिस की ओर से मौके पर पहुंचकर निवारण किया गया। ये कॉल हिसार के किस एरिया से आई और पुलिस से किस तरह की मदद मांगी गई। इसके बारे में पुलिस कोई जवाब नहीं दे सकी। डायल 112 के तहत मिली इन गाड़ियों पर प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके पुलिसकर्मी ही तैनात हैं। प्रत्येक गाड़ी पर 3-3 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं। डायल 112 सेवा का लाभ 24 घंटे बिना किसी बाधा के मिलेगा। इस नंबर पर सूचना देने के महज 15 मिनट में पुलिस मदद के लिए पहुंचेगी।
आधुनिक तकनीक से लैस गाड़ियां
ये सभी गाड़ियां आधुनिक तकनीक से लैस हैं। इनमें एक मोबाइल, लोकेशन नेविगेशन के लिए टैब, पोर्टेबल कैमरा, आग बुझाने के लिए संयंत्र, पीए माइक/सायरन, बॉडी वारन कैमरा, स्ट्रेचर, चार्ज, रस्सा, एलईडी लाइट, ट्रैफिक कोन सहित अनेक तरह के उपकरण लगे हुए हैं। पुलिस उप महानिरीक्षक बलवान सिंह राणा ने डायल 112 की गाड़ियों का निरीक्षण किया और इनमें उपलब्ध सुविधाओं व अन्य जरूरी सामान की जांच की। उन्होंने पुलिस कर्मचारियों को इन वाहनों व इसमें उपलब्ध सामान की हैंडलिंग व चलाने बारे आवश्यक निर्देश के साथ डायल 112 प्रोजेक्ट में तैनात पुलिस कर्मचारियों को लोगों से मधुर व्यवहार व निष्ठापूर्वक कर्तव्य की पालना के आदेश भी दिए।
किस जिले को कितनी गाड़ियां
हिसार मंडल पुलिस को कुल 100 नई गाड़ियां मिली हैं। इनमें हिसार पुलिस को 23, हांसी पुलिस को 9, सिरसा पुलिस को 26, जींद पुलिस को 24 व फतेहाबाद पुलिस को 18 गाड़ियां अलॉट की गई हैं। आईजी ने बताया कि जिन पुलिस थानों में काम की अधिकता है, वहां तीन गाड़ियां व बाकी थानों में 2 गाड़ियां दी गई हैं। इसी कड़ी में हिसार के महिला व ट्रैफिक थाने में ये गाड़ियां नहीं दी गई। बाकी 10 थानों को ये गाड़ियां दी गई हैं। इनमें से बरवाला, मिलगेट और सदर थाने को तीन-तीन गाड़ी व शहर थाना, सिविल लाइन थाना, आजाद नगर थाना, अर्बन एस्टेट थाना, अग्रोहा थाना, उकलाना थाना और आदमपुर थाना पुलिस को दो-दो गाड़ियां मिली हैं।
स्पोर्टिंग स्टाफ की उम्र 35 से ज्यादा नहीं
प्रत्येक गाड़ी में अधिकारी सहित तीन-तीन पुलिस कर्मचारी तैनात होंगे। तैनात कर्मचारी अच्छी छवि, फिजिकल फिटनेस, स्मार्ट यूनिफॉर्म के साथ व्यवहार कुशल होंगे। स्पोर्टिंग स्टाफ में चालक, कांस्टेबल एवं मुख्य सिपाही की आयु 35 वर्ष से अधिक नहीं होगी। गाड़ियों पर तैनात चालकों की भी नियुक्ति से पहले ड्राइविंग कौशल को परखा जाएगा। ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में पीड़ित की ओर से मदद मांगने पर ग्रामीण क्षेत्र में 20 मिनट व शहरी मे क्षेत्रों में 15 मिनट में उस तक गाड़ी पहुंच जाएगी।