हिसार। इसे खेल विभाग की लापरवाही कहंे या फिर लेटलतीफी। खेल विभाग की ओर से संचालित 87 खेल नर्सरियों में प्रशिक्षण ले रहे खिलाड़ियों को डाइट के 4.50 करोड़ रुपये का इंतजार है। ऐसे में उनके प्रदर्शन पर भी असर पड़ रहा है।
डाइट राशि नहीं लेने पर उनके जल्दी थकान महसूस होती है और ठीक ढंग से अभ्यास भी नहीं कर पा रहे हैं। खेल विभाग से मिली जानकारी के अनुसार पिछले साल अप्रैल से लेकर जनवरी तक की खिलाड़ियों की डाइट के करीब 4.50 करोड़ बकाया है। वहीं, इस साल की दो माह की राशि भी लंबित है। ऐसे में सवाल उठता है कि बिना डाइट लिए खिलाड़ी कैसे पदक लेकर जाएंगे।
उधर, कोच को भी अभी तक साढ़े चार माह का वेतन ही मिल पाया है। कई बार कोच से लेकर खिलाड़ी डाइट राशि के लिए खेल अधिकारियों के समक्ष गुहार भी लगा चुके हैं। मगर खेल विभाग के अधिकारियों का एक ही जवाब होता है कि उनकी हाजिरी भेजी जा चुकी है। मुख्यालय स्तर पर ही खाते में डाइट राशि भेजी जाएगी।
पिछले साल जिले में 87 खेल नर्सरियां खोली गई थीं। नर्सरियों में प्रशिक्षण लेकर खिलाड़ियों ने राज्य स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पदक भी जीते। मगर उन्हें डाइट राशि तक नहीं मिली है। वहीं, इस बार खेल विभाग की ओर से 101 नर्सरियां दी गई हैं।