हिसार। जिले के बास उपमंडल क्षेत्र में बारिश व नहर टूटने से हुए जलभराव से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। जिले में सबसे अधिक नुकसान हांसी व बास तहसील एरिया में हुआ है। इन दोनों एरिया में करीब 45 हजार एकड़ में फसलें तबाह हो गई हैं।
कपास, बाजरा, मूंगफली में 76 से 100 प्रतिशत तक बर्बाद हुई है। बास में काटन व बाजरा में 75 से 100 प्रतिशत तक फसल खराब हो गई हैं। कृषि विभाग ने अपनी रिपोर्ट में 50 प्रतिशत तक ही नुकसान मांगा है। खेतों में पानी निकासी के प्रयास अभी सफल होते नहीं दिख रहे।
बास खंड के मोहला, बड़छप्पर, पुठी, मदनहेड़ी, उगालन, भकलाना, भाटौल, बड़ाला में फसलों में जलभराव है। इसके अलावा हांसी के करीब दस से अधिक गांवों में खेतों में पानी भरा हुआ है। जिले में कपास की 39743, धान की 24200, बाजरा की 6452, मूंग की 4290 , ग्वार की 2845, हरा चारा की 1930, मूंगफली की 730 एकड़ फसल को नुकसान पहुंचा है।
हांसी खंड में कपास की 11705, धान की 10800, बाजरा की 1863, मूंगफली- 215, हरा चारा-405 एकड़ में पानी भरा हुआ है। हांसी एरिया में कुल 24990 एकड़ में पानी भरा हुआ है। बास में कपास 4300, धान 12850, बाजरा 825, हरा चारा 1325 एकड़ जल में डूबी है। बास खंड क्षेत्र में कुल 19300 एकड़ में पानी निकासी का इंतजार है।