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सिर को सुन्न करके की ब्रेन की ओपन सर्जरी, नसों में लगे 16 इंजेक्शन, फिर भी मरीज करता रहा बात

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अमर उजाला ब्यूरो
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मंडी आदमपुर/अग्रोहा। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्रेन ट्यूमर के मरीज का नई तकनीक से ऑपरेशन किया गया है। ऑपरेशन के दौरान मरीज होश में रहा और चिकित्सकों ने उसका सिर खोलकर ट्यूमर निकाल दिया। करीब तीन घंटे चले ऑपरेशन की खासियत थी कि मरीज पूरे समय डॉक्टरों से बातचीत करता रहा और पैर हिलाता रहा, सिर्फ उसका सिर का हिस्सा सुन्न रहा। इस तरह की ब्रेन सर्जरी का यह दुर्लभ केस रहा। इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है अग्रोहा मेडिकल कॉलेज के सहायक प्रोफेसर व आदमपुर निवासी डॉ. ईशु बिश्नोई व उनकी टीम ने। यह ऑपरेशन पंजाब के मानसा जिले के करीब 40 वर्षीय व्यक्ति का किया गया। मरीज के दिमाग के दाईं तरफ ट्यूमर था। इसके चलते मरीज को लगातार दाईं टांग में दौरे आ रहे थे। जांच में उसके मस्तिष्क के दाहिने भाग में ट्यूमर फैले होने का पता चला। इस पर डॉक्टरों ने उसकी सर्जरी कर ट्यूमर निकालना तय किया। डॉक्टरों का दावा है कि इस तकनीक से यह जिले का पहला और प्रदेश के गिने चुने अस्पतालों में होने वाला ऑपरेशन रहा। जिसे न्यूरो सर्जन डॉ. ईशु बिश्नोई, डॉ. गोपाल सिंघल, डॉ. संजीव, डॉ. वंदना, डॉ. पल्लवी व डॉ. निशा ने सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

मरीज की काउंसिलिंग कर किया ऑपरेशन ताकि डरे नहीं
डॉ. ईशु बिश्नोई ने बताया कि ऑपरेशन से पहले टीम ने तय किया था कि मरीज को बेहोश नहीं किया जाएगा। उससे होश में बातें करते हुए ऑपरेशन करने का सुनकर मरीज घबरा रहा था। इसके लिए उसकी काउंसिलिंग की गई। मरीज का सिर फ्रेम से फिक्स किया गया, ताकि घबराहट में वह सिर हिला ना सकें। इसके बाद मरीज के सिर की विभिन्न नसों में 16 इंजेक्शन लगाए गए। इससे सिर की ऊपरी त्वचा और हड्डियां सुन्न हो गई। मस्तिष्क की ऊपरी झिल्ली में दर्द निवारक इंजेक्शन लगाए गए। इसके बाद मरीज का दिमाग खोला गया और करीब तीन घंटे ऑपरेशन से यह ट्यूमर निकाला गया।
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पुरानी तकनीक से लकवाग्रस्त होने का होता था 50 फीसदी खतरा
डॉ. बिश्नोई ने बताया कि पुरानी तकनीक में ऑपरेशन मरीज को बेहोश करके किया जाता है। इससे मरीज के मस्तिष्क की स्वस्थ कोशिकाएं डैमेज होने का पता नहीं चलता था। ऐसे ऑपरेशन में हर दो में से एक मरीज लकवाग्रस्त हो जाते थे। डॉ. ईशु बिश्नोई ने बताया कि इससे पहले वे नाक में दूरबीन डालकर व दिमाग की रसोली व दिमाग की नसों के गुच्छों का सफल ऑपरेशन कर चुके है।
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