अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के माध्यम से फ्लैट्स लेने के इच्छुक लाभपात्र परिवारों को अभी तक फ्लैट नहीं मिल पाए हैं। 226 परिवार करीब ढाई महीने से फ्लैट्स मिलने का इंतजार कर रहे हैं। हाउसिंग बोर्ड के मुख्यालय से इन परिवारों को मिलने वाले फ्लैट्स की नंबरिंग का ड्रा होना है। मगर अभी तक ड्रा नहीं हुआ है। नंबरिंग का ड्रा होने पर ही तय होगा कि तलवंडी राणा और ग्लोबल स्पेस के पास बने हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स में से किस परिवार को कहां मिलेंगे। हालांकि इस प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार से मिलने वाली प्रत्येक परिवार के लिए ढाई लाख रुपये की सब्सिडी भी अभी तक नहीं मिली है। इन दोनों ही कारणों से फ्लैट्स मिलने में देरी हो रही है।
यह है पूरा प्रोजेक्ट
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहरी क्षेत्र में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट्स देने का प्रोजेक्ट बना था। इसके लिए फ्लैट्स लेने वाले लोगों को तय कीमत में से ढाई लाख की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा दी जानी है। बाकी पैसा किस्तों में फ्लैटधारक भर सकेगा। हिसार में मौजूद फ्लैट्स की कीमत पांच लाख 50 हजार रुपये तय की गई थी। इसमें से पहले 10 प्रतिशत राशि का ड्राफ्ट जमा करवाने वाले 226 परिवार थे। इनके फार्म जमा हुए ढाई महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। मगर अभी तक न तो सब्सिडी जारी हुई है और न ही ड्रा निकला है।
7 हजार 771 लोगों ने किया था आवेदन
इस प्रोजेक्ट के तहत फ्लैट्स लेने के लिए शुरुआती दौर में 7 हजार 771 लोगों ने आवेदन किया था। इनको 10 प्रतिशत राशि का डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर फार्म भरना था। मगर इनमें से मात्र 226 लोगों ने ही डिमांड ड्राफ्ट जमा करवाया। इसलिए पहले इनकी सूची बनाकर मुख्यालय भेजी गई है।
शेष बचे लोग पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर 28 तक ले सकेंगे
7 हजार 771 में से 226 परिवारों को पहले चरण में फ्लैट्स मिलेंगे। शेष बचे 7545 आवेदकों को भी हाउसिंग बोर्ड द्वारा पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर दिए जाएंगे। ऐसे आवेदकों को 28 फरवरी तक फ्लैट्स के लिए दोबारा आवेदन करना होगा। उनको भी ढाई लाख रुपये की सब्सिडी मिलेगी। मगर पहले 10 प्रतिशत का डिमांड ड्राफ्ट जमा करवाना होगा। उसके बाद फ्लैट्स की कुल कीमत में से ढाई लाख रुपये और 10 प्रतिशत राशि को काटकर बाकी कीमत की किस्त बनाकर आवेदक को फ्लैट्स की रजिस्ट्री सौंप दी जाएगी।
निगम कार्यालय में लोगों को दी जानकारी
हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारियों द्वारा मंगलवार को निगम कार्यालय में लगाए गए शिविर के दौरान 28 फरवरी तक योजना के तहत आवेदन करने के लिए जानकारी दी गई। हालांकि इस दौरान वार्ड नंबर 19 के पार्षद नरेंद्र शर्मा की कर्मचारियों के साथ गहमागहमी भी हो गई। पार्षद ने हाउसिंग बोर्ड प्रशासन पर जान-बूझकर फ्लैट्स देने में देरी करने का आरोप भी लगाया।
अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के तहत आवेदन करने वालों के मकानों की नंबरिंग का ड्रा मुख्यालय में होना है। केंद्र सरकार को सब्सिडी भेजनी है। हमने हमारी रिपोर्ट मुख्यालय भेज रखी है। आगामी आदेश वहीं से आएंगे।
राजबीर बैनीवाल, इस्टेट मैनेजर, हाउसिंग बोर्ड, हिसार