अमर उजाला ब्यूूरो
हिसार।
ठसका गांव के पास केंद्रीय भेड़ फार्म के एरिया में शुक्रवार को गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला शाम छह बजे जब फार्म मेें पहुुुंचे तो यहां का मंजर देखकर हैरान रह गए। कुुछ लोग अवैध रूप से मृत गायों को पिकअप गाड़ी में लोड कर रहे थे। चेयरमैन भानीराम मंगला और उनकी टीम को देखकर इन लोगों ने गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी कीचड़ में फंस गई। गो सेवकों ने अवैध रूप से कंकाल लोड कर रहे लोगों का पीछा भी किया। पर लोग वहां से फरार होने में कामयाब रहे। गो रक्षा दलों ने अवैध रूप से कंकाल उठाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
फार्म में करीब दो दो हजार गोवंश पानी और चारे के बिना भूखे घूम रहे हैं। भूख से तड़पती गायों को यहां कुत्ते नोचकर खा रहे हैं। हरियाणा गो सेेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला ने दिल्ली बाईपास स्थित कुरुक्षेत्र गोशाला में कहा कि जिन लोगों की लापरवाही से फार्म के अंदर गायों की जान गई है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जितनी भी गाय भेड़ फार्म में भूखी प्यासी घूम रही हैं। नजदीकी गोशालाओं में शिफ्ट किया जाएगा। फार्म में मरने वाली गायों की घटना की जांच करवाई जाएगी।
5000 एकड़ भूमि पर गो अभयारण्य बनाने का विचार
हिसार। हरियाणा गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने कहा कि हिसार में बेसहारा गायों के लिए सरकारी फार्मों की पांच हजार एकड़ भूमि पर गो अभयारण्य बनाने का विचार है। इस संबंध में प्रदेश सरकार को जल्द ही प्रस्ताव भेजा जाएगा।
उन्होंने कहा कि गायों का इस प्रकार अज्ञात कारणों से मरना और उनके शवों का खुले में पड़े रहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि गायों के मरने के कारणों की जांच के लिए राज्यस्तरीय कमेटी बनाई जाएगी। इसकी जांच के आधार पर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गायों को सुरक्षित आश्रय देने के लिए राजकीय पशुधन फार्म, केंद्रीय भेड़ प्रजनन फार्म तथा केंद्रीय राज्य फार्म की लगभग पांच हजार एकड़ भूमि पर गो अभयारण्य बनाया जाएगा। इस स्थान पर पर्याप्त मात्रा में पेड़, वनस्पति व घास उपलब्ध है। गो अभयारण्य के लिए जल्द ही सरकार से बात की जाएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल को इस आशय का प्रस्ताव दिया जाएगा। जिन गायों के शव अभी तक दफनाए नहीं गए हैं, उन्हें भेड़ प्रजनन फार्म, गो सेवा सदन अथवा जीएलएफ की भूमि में जल्द दफनाया जाए। गोशाला प्रतिनिधियों से कहा कि वे जिला को बेसहारा गायों से मुक्त करने की दिशा में सहयोग करें। मंगला के साथ हिसार प्रभारी डॉ. राज सैनी, नगर निगम आयुक्त अशोक बंसल, आयोग के सचिव डॉ. कल्याण सिंह व पशुपालन विभाग के उपनिदेशक डॉ. डीएस सिंधु व अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाएंगे
गोशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार द्वारा गोशालाओं की सहायता भी की जा रही है। गाय के गोबर से लकड़ी, गमले, टिकिया या धूपबत्ती तथा गोमूत्र से गो-अर्क, फिनायल आदि उत्पाद बनाने के उद्योग लगाने पर आयोग द्वारा 90 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। इसी प्रकार बड़ी गोशालाओं में हरा व सूखा चारा काटने की मशीन भी 90 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध करवाई जा रही है। गोशाला प्रतिनिधियों से गोशालाओं में गोबर गैस प्लांट, बायो-सीएनजी बनाने सहित गोशालाओं को अपने पैरों पर खड़ा करने की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की।
पशुपालन विभाग के निदेशक होंगे गोवंश विकास अधिकारी
चेयरमैन मंगला ने बताया कि पशुपालन एवं डेयरी विभाग के उपनिदेशक को अब वर्तमान पद के साथ जिला गोवंश विकास अधिकारी के रूप में जाना जाएगा। जिले में गायों के संरक्षण व संवर्धन के कार्य उनके माध्यम से प्रभावी ढंग से क्रियान्वित किए जाएंगे। श्री हरियाणा कुरुक्षेत्र गो-चिकित्सालय में स्थायी वेटरनरी सर्जन, वीएलडीए तथा एक एनिमल अटेंडेंट की नियुक्ति भी शीघ्र ही सरकार द्वारा की जाएगी। यहां एक्स-रे मशीन के संचालन के लिए रेडियोलॉजिस्ट की भी नियुक्ति की जाएगी।