अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
सीएम के साथ मंगलवार को हुए लिखित समझौते की प्रति लघु सचिवालय के बाहर बैठे किसानों को दिखाते हुए समिति के अध्यक्ष कुरड़ाराम ने कहा कि हम धरना खत्म नहीं कर रहे। प्रदेश में सीएम सबसे बड़ा होता है। उन्होंने कोई समझौता लिखकर माना है तो हम उनकी बात पर विश्वास कर छह महीने का समय दे रहे हैं। धरने को छह महीने के लिए स्थगित किया जा रहा है।
दो सप्ताह नहरी पानी की मांग को लेकर पिछले 42 दिनों से चल रहा धरना बुधवार को स्थगित कर दिया गया। संयुक्त जल संघर्ष समिति के अध्यक्ष कुरड़ाराम नंबरदार ने बताया कि मंगलवार को चंडीगढ़ में माननीय मुख्यमंत्री के साथ हुई मीटिंग में किसान कमेटी की दो सप्ताह नहरी पानी, बरसाती सीजन और टेलों पर पूरा पानी के हक के लिए 18 बिंदुओं को लिखित में मानने के बाद धरना स्थगित करने का फैसला लिया गया है। इसके साथ ही पांच मार्च को प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन भी वापस ले लिया गया है। मंगलवार को चंडीगढ़ में कमेटी की जानकारी देते हुए बताया कि यह मीटिंग करीब दो घंटे चली। इसमें किसानों के सभी 18 बिंदुओं को मान लिया गया है। इस बारे में मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से लिखित प्रारूप किसान कमेटी को सौंपा गया है।
यह मांगें मानीं
राजस्थान से बातचीत करके खनोरी हेड की रेजिंग करवाकर नहर की क्षमता बढ़ाकर पानी लाने और बरवाला ब्रांच पर जोड़े गए कैथल, जींद के नहरी रकबे की दोबारा चकबंदी करवाकर जो पानी हिसार का हक है, उसे तय सीमा के अंदर हिसार को दे दिया जाएगा। इसके अलावा बुडनपुर हेड से डाबड़ा हेड तक नहर की क्षमता बढ़ाने का काम तय समय में पूरा कर लिया जाएगा। वहीं बरसात के मौसम में लगातार चार महीने हिसार को यमुना का पानी देने के लिए पेटवाड़ ब्रांच की क्षमता बढ़ाई जाएगी और इसकी मरम्मत की जाएगी। इसके साथ बरवाला ब्रांच की सभी टेल देवसर फीडर, राणा माइनर, चौधरी माइनर सहित सभी तक पानी पहुंचाने के लिए जहां जरूरत होगी वहां मरम्मत, नहर सफाई, क्षमता बढ़ाने का काम जल्द पूरा कर किया जाएगा।
बनेगी ज्वाइंट एक्शन कमेटी
सरकार द्वारा जो मांगें मानी गई हैं, उनको जल्द पूरा करवाने के लिए नौ सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी। इस कमेटी में पांच किसान समिति के सदस्य, दो सरकार के सदस्य और दो नहरी विभाग के अफसर शामिल होंगे। जो सभी कार्य को जल्द करवाने का प्रयास करेंगे
हर महीने लेंगे प्रगति रिपोर्ट
समिति के अध्यक्ष कुरड़ाराम नंबरदार ने बताया कि सभी 18 बिंदुओं को पूरा करने के लिए सरकार में लिखकर दिया व इसके इन सभी कार्यों को पूरा करने के लिए छह महीने का समय मांगा है। हर महीने जांचा जाएगा कि सरकार मांगों को पूरा करने में कितना काम पूरा कर चुकी है और कितना बकाया है, हर महीने कार्य की प्रगति रिपोर्ट ली जाएगी। कमेटी की बातचीत में महासचिव सतबीर पूनिया, सचिव अनिल लौरा, सतबीर गढ़वाल, सतबीर, रमेश बैनीवाल, रामभीर न्योली, विजेंद्र बैनीवाल, वीरेंद्र पूनिया, मदन रावलवासिया, दिलबाग हुड्डा, चंद्र बैनीवाल, हवासिंह झाझरिया, दलबीर बैनीवाल, मुख्तयार, सुरेंद्र आर्य, रणसिंह कस्वा, नरेंद्र पचार, भूप बासड़ा, पृथ्वी सिंह खारिया, बलवंत नंबरदार, बनवारी पंच, रामकुमार पटवारी, निहाल सिंह डांगी, रामकुमार सुंडा वास, जिलेसिंह किरतान, अनूप पूनिया आदि मौजूद थे