अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
डिप्टी मेयर भीम महाजन ने कहा कि राजनीतिक द्वेष के कारण यह वार्डों में बदलाव किया गया। मेरा खुद का घर दूसरे वार्ड में डाल दिया गया। इसी तरह से दूसरे पार्षदों के घर उनके वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में डाले गए।
एडीसी एएस मान की अध्यक्षता में बनी कमेटी ने रविवार को वार्ड 15 और 5 के लोगों की आपत्तियां सुनीं। करीब 200 से अधिक लोगों ने आपत्तियां दर्ज कराईं। डिप्टी मेयर भीम महाजन ने अपने वार्ड नंबर पांच में किए गए बदलाव पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक कारणों के चलते यह बदलाव किया गया। वार्ड में उसके घर पास का मोहल्ला उसे सबसे अधिक वोट करता है। ऐसे में उसका खुद का घर और गली दूसरे वार्ड में डाले जाए तो चुनाव प्रभावित हो सकता है। साजिश के तहत सीनियर डिप्टी मेयर, डिप्टी मेयर सहित कुछ पार्षदों के एरिया में इस तरह का बदलाव किया गया है।
वार्ड 15 वासियों ने कहा हरियाणा नगर निगम वार्ड परिसिमन नियम 1994 की धारा 7 के अनुसार कांपेक्ट एरिया को ही शामिल किया जाए। हमारे कांपेक्ट एरिया में लाजपत नगर, बिजली बोर्ड आवासीय कॉलोनी राजगढ़ रोड, बीएंडआर आवासीय कॉलोनी, ग्रीन पार्क, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस आवासीय कॉलोनी, पीएलए का पूरा एरिया, सेंट्रल जेल एरिया, बैंक कॉलोनी, सुभाष नगर, जयदेव नगर, नट बस्ती, छोटूराम कॉलोनी, क्रांति नगर, इंदिरा नगर, चूना भट्ठी, कृष्णा नगर, हेतराम पार्क कॉलोनी, सरकारी आवासीय (रेंटल) कॉलोनी, जाट कॉलेज और जाट स्कूल आवासीय क्षेत्र, रेलवे कॉलोनी आदि हैं। यह सारा एरिया हरियाणा नगर निगम वार्ड परिसिमन नियम 1994 की धारा 7 की सभी शर्तों को पूरा करता है।
वार्ड 15 के लोग बोले, नई वार्डबंदी में नियम का उल्लंघन
आपत्ति सुनवाई कमेटी में सभी आपत्तिकर्ताओं की ओर से वार्ड 15 वासी राकेश पंडित, अनिल तनेजा, एडवोकेट रमेश यादव, राजीव सरदाना, महिप शर्मा आदि ने अपनी मांगों एवं सुझावों को विस्तार से रखा। इस पर आपत्ति सुनवाई कमेटी के चेयरमैन एएस मान, एसडीएम परमजीत चहल, अशोक बंसल नगर निगम कमिश्नर आदि ने माना कि वार्ड 15 की नई वार्डबंदी में नियम सात का उल्लंघन हुआ है। आपत्तियों के जरिये मांग की है कि रेलवे लाइनों से उस पार का वार्ड 13 और 8 के क्षेत्र को नियमानुसार हटाने की कोशिश की जाएगी।
सभी लोगों की शिकायतें सुनी गई हैं। मैप पर लोगों की समस्याओं को देखते हुए हकीकत जानी गई। कमेटी सोमवार को अपनी रिपोर्ट भेज देगी। अगर कोई संतुष्ट न हो तो सरकार को सीधे भी अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। -एएस मान, एडीसी, हिसार