हिसार। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में शुक्रवार को 24 घंटे के अंतराल में ब्लैक फंगस से चार मरीजों की मौत की पुष्टि हुई है। बताया जा रहा है कि एक के मरीज ब्रेन और दो में फेफड़ों तक संक्रमण पूरी तरह फैल गया था। अब तक ब्लैक फंगस से 90 मरीज दम तोड़ चुके हैं। इसके अलावा ब्लैक फंगस यानी म्यूकर माइकोसिस के दो नए मरीज दाखिल किए गए।
उधर, कई दिनों से सरकार की ओर से ब्लैक फंगस के इलाज में कारगर पोसाकोनाजोल की गोली और लाइपोसोनल एंफोटेरेसिन बी इंजेक्शन नहीं आ रहे हैं, जिस कारण मरीजों को निजात नहीं मिल पा रही है। मेडिकल कॉलेज के पास इंजेक्शन और दवा का भंडारण है, लेकिन वह दवा होने के कारण मरीजों में दुष्प्रभाव अधिक सामने आ रहे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक शुक्रवार को हुई मौत वाले सभी मरीज देरी से ही अस्पताल आए थे। उन्होंने बताया कि नाक में सूखापन, सिरदर्द, बुखार या चेहरे पर दर्द की शिकायत हो तो चिकित्सक से जांच करवाएं।
शुक्रवार को म्यूकर माइकोसिस से चार मरीजों की मौत हुई जबकि दो नए मरीज दाखिल किए गए। एक मरीज में ब्रेन तक और दो मरीजों को फेफड़ों में फंगस फैला हुआ था। इनका काफी समय से अस्पताल में इलाज चल रहा था। मगर ऐसी हालत में बच पाना मुश्किल हो जाता है, जिस कारण उनकी मौत हो गई।
- डॉ. अनूप ग्रोवर, प्रोफेसर, दंत विभाग, मेडिकल कॉलेज, अग्रोहा