हिसार। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सीडीपीओ ने बताया कि जिले में 328 कुपोषित बच्चों की पहचान की जा चुकी है। इन बच्चों की स्थिति पर विभाग की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है। बच्चों के आहार, पोषण स्तर और स्वास्थ्य से संबंधित सभी पहलुओं की नियमित जांच की जा रही है। सभी केंद्रों में बच्चों के स्वास्थ्य की प्राथमिक जांच की जा रही है।
जिले में पोषण अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने और आंगनबाड़ी केंद्रों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से नगर निगम के मुख्य सभागार में मंगलवार को निगम आयुक्त एवं एडीसी नीरज की अध्यक्षता में बैठक हुई। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से सीडीपीओ ने जिले में चल रहे पोषण अभियान की प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की।
उन्होंने बताया कि जिले में अब तक लगभग 328 कुपोषित बच्चों की पहचान की जा चुकी है। इन बच्चों की स्थिति पर विभाग की ओर से लगातार निगरानी रखी जा रही है। बच्चों के आहार, पोषण स्तर और स्वास्थ्य से संबंधित सभी पहलुओं की नियमित जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जिन बच्चों में गंभीर कुपोषण या स्वास्थ्य संबंधी जटिलताएं पाई जाती हैं। नि:शुल्क सरकारी अस्पताल में उपचार की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है।
जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को भी संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों में मुफ्त पेयजल कनेक्शन जल्द ही लगाए जाने के निर्देश दिए गए। कुछ आंगनबांड़ी केंद्र निजी भवनों में किराये पर संचालित हो रही हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने जल्द समाधान करने के निर्देश दिए।
बैठक में कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. अनामिका बिश्नोई, डब्ल्यूसीडीपीओ सरिता, सत्यबाला, नीलम रानी, सुदेश रानी, गरिमा शर्मा, जिनेश कुमार, अनिता, कृष्णा, सुपरवाइजर गीता देवी, सुमन पहुजा, ओएससी सुरेश आईटी, हरीश, स्कूल हेल्थ सिविल सर्जन राजन वर्मा आदि मौजूद रहे।