अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नगर निगम प्रशासन ने दुकानों के बाहर कचरा डालने वाले सेनेटरी इंस्पेक्टर को स्वच्छता के लिए सम्मानित कर नया कारनामा किया है। मात्र 10 दिन पहले ट्रांसफर होकर हिसार आए एसआई को स्वच्छता अभियान में उल्लेखनीय योगदान बताकर रविवार को हुए सम्मान समारोह में निगम के कमिश्नर अशोक बंसल और ज्वाइंट कमिश्नर जयवीर यादव के हाथों पुरस्कार भी दिला दिया। विशेष बात यह है कि इस एसआई पर एफआईआर दर्ज है और मामला अदालत में विचाराधीन है। इसी 31 अगस्त को अदालत में सुनवाई भी होनी है। राजगुरु मार्केट ऑर्गेनाइजेशन के पदाधिकारियों ने एसआई को सम्मानित करने पर गुस्सा जाहिर करते हुए निगम कमिश्नर को शिकायत दी है। एसआई के नाम की सम्मान के लिए अनुशंसा करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की मांग की गई है।
तीन जुलाई 2017 को दर्ज हुई थी एफआईआर
दरअसल, मई 2017 में राजगुरु मार्केट में हुई चोरियों के विरोध में दुकानदारों ने तत्कालीन मुख्य संसदीय सचिव डॉ. कमल गुप्ता का पुतला फूंका था। इसी बात को लेकर 11 मई 2017 को राजगुरु मार्केट की छह दुकानों के बाहर निगम कर्मचारियों द्वारा गंदगी डाल दी गई। आक्रोशित दुकानदारों ने प्रदर्शन किया तो निगम प्रशासन ने मामले की जांच की। जांच में एसआई राजेश कुमार को दोषी पाया गया। इसके बाद ऑर्गेनाइजेशन की शिकायत पर एसआई राजेश के खिलाफ 3 जुलाई 2017 को सिटी थाने में एफआईआर भी दर्ज कर ली गई। एफआईआर दर्ज होने के करीब 10 दिन बाद ही एसआई राजेश का तबादला पलवल कर दिया गया।
दस दिन में ऐसा क्या कर दिया, जो मिला सम्मान
राजेश कुमार ने दस दिन पहले ही पलवल से वापस हिसार में ज्वाइन किया है। दुकानदारों ने कमिश्नर को दी शिकायत में पूछा है कि एसआई राजेश ने दस दिन में ऐसा कर दिया जो उसे निगम अधिकारियों द्वारा सम्मान समारोह में पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। ऑर्गेनाइजेशन का आरोप है कि निगम के आला अधिकारी इस तरह कचरा फेंकने के दोषी कर्मचारी को सम्मानित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान को ठेंगा दिखा रहे हैं।
एसआई राजेश पर दुकानों के आगे कचरा फैलाने के मामले में केस दर्ज है। इसके बावजूद उसे नगर निगम के अधिकारियों ने सम्मानित कर दिया। यह सरासर दुकानदारों और स्वच्छता अभियान का अपमान है। मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। हमने इसके लिए कमिश्नर को शिकायत दे दी है।
-अक्षय मलिक, अध्यक्ष, राजगुरु मार्केट आर्गेनाइजेशन
मुझे इस बारे में पता नहीं है। सम्मानित होने वालों की सूची सफाई ब्रांच के अधिकारियों व एसई रामजीलाल ने बनाई थी। शिकायत आई है तो जांच करवा देंगे।
-अशोक बंसल, कमिश्नर, नगर निगम