अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
प्रद्युम्न मर्डर मामले के बाद नियमों के अनुरूप न चलने वाली स्कूल बसों पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। आरटीए और पुलिस की कंबाइड टीमें स्कूलों में पहुंचकर बसों की चेकिंग कर रहे हैं। टीम के साथ कुछ मेकेनिकल स्टाफ भी है, जो कागजात सहित पूरी बस को जांच रही है। इसके साथ ही स्कूलों को नोटिस थमाया जा रहा है। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को ढिलाई बर्तने वाले स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश दिए जा रहे हैं। स्कूल बसों में सीसीटीवी सहित 21 मानक जांचे जाएंगे।
चार जोन में बांटा जिले को
आरटीए ने जिले को चार जोन में बांटा गया है। चार जोन में अलग-अलग टीमें काम करेंगी। आरटीए टीम के साथ ट्रैफिक पुलिस, मेकेनिकल विंग का स्टाफ भी मौजूद रहेगा। जिस जोन और एरिया में टीम स्कूल में जाएगी, उससे संबंधित एरिया के थाने-चौकी की पुलिस भी टीम के साथ जाएगी।
अलग-अलग जोन में काम कर रही टीम बस में सीसीटीवी कैमरे, मेडिकल किट सहित बसों की कंडीशन की जांच कर रही है। इसके अलावा व्हीकल के डॉक्यूमेंट्स की भी जांच की जा रही है।
चार दिन पहले हुई थी मीटिंग
इस मामले को लेकर आरटीए एवं एडीसी ने कार्यालय के स्टाफ और ट्रैफिक पुलिस के साथ मीटिंग की थी। मीटिंग के दौरान ही मुख्यालय से जारी हुए निर्देश को लेकर चर्चा हुई। उसी के अनुरूप टीम गठित की गई और जोन वाइज टीम बनाकर जल्द रिपोर्ट करने के लिए निर्देश दिए थे।
एक सप्ताह का दे रहे टाइम
जिन स्कूलों के वाहनों में कमियां मिल रही हैं और जो नियमों के अनुरूप नहीं चल रहे। बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर नहीं है, उन्हें नोटिस थमाए जा रहे हैं। इस नोटिस से उन्हें एक सप्ताह का समय दिया जा रहा है। एक सप्ताह में अगर वे इन कमियों को दूर करते हैं तो ठीक, वरना उनके खिलाफ आरटीए कार्यालय एक्शन लेगा। यहां तक कि उनके परमिट भी रद्द हो सकते हैं।
स्कूल बसों की चेकिंग की जा रही है। चार टीमें बनाई गई हैं, जो स्कूल में जाकर वाहनों की चेकिंग कर रही है। -एएस मान, आरटीए एवं एडीसी