अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
टिब्बा दानाशेर एरिया में बंदरों ने चार बच्चों को बंदर ने बुरी तरह से काट खाया। चार साल की मासूम ललिता को तो बंदरों से ऐसा काटा कि उसके हाथ का पूरा मांस बाहर आ गया। हाथ की हड्डी ही दिखने लगी। मासूम को 15 टांके आए हैं। ललिता के अलावा सत्यम और दो अन्य टिब्बा दानाशेर पर ही रहने वाले बच्चों को बंदर ने काट खाया। बच्चे को नागरिक अस्पताल से रेफर किया गया। इसके बाद परिजन उसे निजी अस्पताल लेकर पहुंचे।
मासूम ललिता के पिता राजकुमार ने बताया कि उनकी बच्ची छत पर खेल रही थी। बंदरों के झुंड ने अचानक हमला बोल दिया। बच्ची को बुरी तरह से नोच डाला। चिल्लाने की आवाज आई तो परिजन छत पर पहुंचे। उन्होंने बच्ची को बंदरों के चंगुल से बचाया। बंदरों न उनके पड़ोस में ही बच्चे सत्यम पर हमला बोल दिया। सद्भावना संस्था ने शहर में बंदरों का आतंक देख खुद बंदर पकड़ने को लेकर वन विभाग से एनओसी मांगी है। संस्था के अध्यक्ष अमित ग्रोवर ने कहा है कि एक से दो दिन के में संस्था को एनओसी मिल जाएगी। महिला विंग शहर से बंदर पकड़ने की मांग को लेकर शुक्रवार को 12 बजे कमिश्नर से मिलने जाएगी। शहरवासियों की तरफ से बंदर पकड़ने की लगातार मांग की जा रही है, लेकिन अधिकारी टेंडर लेने वाला कोई न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
शहर में एक हजार बंदर
पूरे शहर में बंदरों के अलग-अलग झुंड घूम रहे हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि शहर में करीब एक हजार के आसपास बंदर हैं। आम लोगों को काटना, सामान तोड़फोड़, कपड़े उठाकर ले जाना सहित कई तरह से बंदर नुकसान पहुंचा रहे हैं।
सेक्टर-14 में जा चुकी दादी-पोते की जान
सेक्टर-14 में बंदरों के कारण दादी और उसके पोते की जान जा चुकी है। छत पर लोहे की छड़ से बंदर भगाने का प्रयास किया जा रहा था। यह लोहे की छड़ 11 हजार वोल्टेज लाइन को छू गई। इस दौरान करंट की चपेट में दादी और उसका पोता आ गए थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
मेरे वार्ड में एक दिन में चार बच्चों को बंदरों ने काट खाया है। निगम अधिकारी और शहर के विधायक सो रहे हैं। शुक्रवार को कमिश्नर से बात करूंगा। इसके बाद भी कोई समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन छेडूंगा।
मान सिंह चौहान, पार्षद ,नगर निगम हिसार
चार बच्चों पर बंदरों का हमला, मासूम लड़की को हाथ पर आए 15 टांके