नारनौंद (हिसार)। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में 31 लाख 40 हजार रुपयों की गड़बड़ी का मामला सामने आया है। महिला एवं बाल विकास विभाग नारनौंद की परियोजना अधिकारी ने इसकी शिकायत नारनौंद पुलिस को दी है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला परियोजना अधिकारी अनीता दलाल ने शिकायत में बताया कि प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना में कुछ गड़बड़ी मिली है। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों से जांच करवाई गई तो नारनौंद ब्लॉक में योजना के कुल 628 केस फर्जी पाए गए। जींद जिले के उचाना में 295 व जींद के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में 438 फर्जी मामले मिले थे। उनकी अपेक्षा नारनौंद में जो गड़बड़ी पाई गई है, वह बहुत ज्यादा है। उन्होंने शक जाहिर किया कि योजना की आईडी व पासवर्ड चुराकर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आईपीसी की धारा 420, 406, 120बी व 66, 66सी, 66डी आईटी एक्ट के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्या है प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं का पंजीकरण किया जाता है। पंजीकरण के समय इस योजना के तहत उस महिला को पहली किस्त एक हजार रुपये, डिलीवरी के बाद दूसरी किस्त दो हजार रुपये और तीसरी किस्त में दो हजार रुपये कुल 5 हजार रुपये दिए जाते हैं। पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद लाभार्थी का आईडी पासवर्ड और कोड नंबर गोपनीय रखा जाता है ताकि लाभार्थी को राशि सीधे उसके खाते में दी जा सके।
किस सर्कल में कितने फर्जी केस
बुडाना सर्कल की सुपरवाइजर मनजीत के क्षेत्र में 44 केस, पेटवाड़ सर्कल की सुपरवाइजर सुषमा के क्षेत्र में 91 केस, नाड़ा सर्कल की सुपरवाइजर कमलेश के क्षेत्र में 122 केस, नारनौंद सर्कल की सुपरवाइजर गरिमा के क्षेत्र में 106 केस, मोठ सर्कल की सुपरवाइजर आरजू के क्षेत्र में 81 केस, माढ़ा सर्कल की सुपरवाइजर मंजू के क्षेत्र में 83 केस, खेड़ी जालब सर्कल की सुपरवाइजर सुनीता के क्षेत्र में 101 केस फर्जी पाए गए हैं।
कितने का हो सकता है गबन
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से गर्भवती महिलाओं को तीन किस्तों में 5 हजार रुपये देने होते हैं। जिस प्रकार से जांच में 628 केस सामने आए हैं तो यह गबन 31 लाख 40 हजार रुपये का हो सकता है।
जांच चल रही है
फिलहाल शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। जांच के बाद ही पता चलेगा कि मामले में विभाग के अधिकारी या कर्मचारियों की मिलीभगत है या नहीं।
- नायब सिंह, थाना प्रभारी नारनौंद।