हिसार के मतदाताओं ने रविवार को 86 प्रतिशत मतदान कर अपना फाइनल फैसला सुना दिया है। सभी 308 पंचायतों को उनके पढ़े लिखे मुखिया मिल गए हैं। सरपंचों का सहयोग करने के लिए पंच भी चुन लिए गए हैं। जिले के कुल 308 सरपंचों की औसत आयु 35 साल है।
जिले में आखिरी चरण में रविवार को उकलाना, अग्रोहा, आदमपुर में मतदान हुआ। इन खंड के 68 गांव में 2 लाख 14 हजार 284 मतदाता थे। इसमें कड़ाके की सर्दी के बीच 86.3 प्रतिशत यानी 1 लाख 84 हजार 826 मतदाताओं ने अपनी वोट का उपयोग किया। आखिरी चरण में 409 मतदान केंद्रों पर वोट करते हुए मतदाताओं ने जनप्रतिनिधि चुने। रविवार को हुए मतदान में 43 पुरुष तथा 25 महिलाओं को सरपंच चुना गया।
हिसार जिले में सबसे युवा सरपंच गांव कुलेरी ने चुनी। कुलेरी ने 21 वर्षीय मनीषा के अपना सरपंच चुना। इस खंड में सबसे अनुभवी सरपंच की बात करें तो 63 वर्षीय बलबीर सिंह भांभू अग्रोहा के सरपंच बने। सबसे अंतर से जीत की बात करें तो फिलहाल तक सीसवाला गांव में रिकॉर्ड की गई है। यहां सरपंच बने घीसाराम ने अपने प्रतिद्वंद्वी को 2822 वोट से हराया।
मतदान का आखिरी चरण शांतिपूर्वक संपन्न हुआ। चुनाव संपन्न होने के साथ प्रशासन ने राहत महसूस की है। सबसे कम वोटों से गांव भाणा के संजय बागवान ने 11 वोटों से जीत दर्ज करते हुए सरपंची पर कब्जा किया।
सबसे बड़ी पंचायत के सरपंच बने चंद्रशेखर
खंड के गांव सदलपुर हरियाणा की सबसे बड़ी ग्राम पंचायतों में से एक है। इसकी कुल आबादी करीबन 25 हजार और भौगोलिक क्षेत्रफल करीब 18 हजार एकड़ है। यहां लगभग 12 हजार वोटर है। वहां एक 22 वर्षीय युवक चंद्रशेखर जाजूदा ने एक धमाकेदार जीत दर्ज करते हुए हरियाणा की सबसे बड़ी पंचायतों में से एक का सरपंच बनने का गौरव हासिल किया है।
जिले के सरपंचों की औसत आयु 35 वर्ष
पहले चरण के मतदाताओं ने औसतन 36 आयु वर्ष के सरपंच चुने। दूसरे चरण के मतदाताओं ने औसतन 33 वर्ष के सरपंच चुने। तीसरे चरण में औसतन 37 वर्ष आयु के लोग सरपंच बने। जिले के सरपंचों की औसतन आयु 35 साल रिकॉर्ड की गई है।