हिसार। गांव सरसाना से बालसमंद के बीच वीरवार देर को बालसमंद माइनर टूटने से करीब 30 एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई, जिससे गेहूं और सरसों की फसल पूरी तरह खराब हो गई। माइनर टूटने से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
माइनर टूटने की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और जेसीबी मशीन की मदद से पानी का बहाव रोककर माइनर को अस्थायी रूप से बंद कराया गया।
बालसमंद के किसान राहुल, बलबीर और दलबीर ने बताया कि सरसाना-बालसमंद मार्ग के बीच यह माइनर टूट गई। उन्होंने कहा कि माइनर का निर्माण चार-पांच साल पहले तत्कालीन विधायक भव्य बिश्नोई के कार्यकाल में कराया गया था। पिछले एक वर्ष में बालसमंद माइनर पांच से छह बार टूट चुकी है, जिसके चलते बार-बार फसलें खराब हो रही हैं और किसानों को आर्थिक मार झेलनी पड़ रही है।
किसानों ने मांग की कि नहर विभाग माइनर को चारों ओर से मजबूत कराए और समय-समय पर बेलदारों की ड्यूटी लगाकर नियमित जांच अभियान चलाया जाए। साथ ही फसल खराब होने पर किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए।
कांग्रेस पार्टी के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष सुभाष वर्मा ने माइनर निर्माण कार्य की जांच की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि नहर निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जिसके कारण किसानों को बार-बार नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई नहर सुविधा देने के बजाय किसानों के लिए मुसीबत बन गई है। सुभाष वर्मा ने सरकार से प्रभावित किसानों को प्रति एकड़ 70 हजार रुपये मुआवजा देने की मांग की।