सिसाय गांव में सैनिटाइजेशन करते कर्मचारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
हरियाणा के सबसे बड़े गांव सिसाय में एक से 9 मई तक करीब 28 मौतें हो चुकी हैं। हैरानी की बात तो यह है कि मरने वालों में 81 साल के बुजुर्ग से लेकर 28 साल के युवा भी शामिल हैं। इनमें से करीब 8 लोगों की मौत कोरोना से बताई जा रही है। गांव में एक दिन में आठ लोगों की चिताएं जल चुकी हैं।
गांव में हो रही मौतों को कोई वायरल मौत की वजह बता रहा है तो कोई इसे बिना टेस्ट के ही कोरोना बता रहा है लेकिन इस बात की कोई पुष्टि नहीं है। गांव में यह भी बताया जा रहा है कि अभी भी 35 प्रतिशत से ज्यादा लोग ऐसे हैं, जो बुखार से पीड़ित हैं। इनमें से अधिकतर लोग निजी अस्पतालों में या फिर घर पर ही इलाज करवा रहे हैं।
ग्रामीणों को कर रहे हैं जागरूक
ग्रामीणों को मास्क का इस्तेमाल करने और शारीरिक दूरी का पालन करने के लिए लगातार प्रेरित किया जाता है। गांव की बैठकों व चौपालों में सामूहिक रूप से हुक्का नहीं पीने और ताश नहीं खेलने को लेकर जागरूक किया जा रहा है, ताकि कोरोना संक्रमण न फैल सके। अब ग्रामीण जागरूक हो रहे हैं। गांव में सैंपल करवाने को लेकर मुनादी भी करवाई जा रही है। पूरे गांव को सैनिटाइज किया जा रहा है।
-अजीत सिंह, पूर्व सरपंच सिसाय।
जांच करवाएं
गांव में बुखार के बहुत ज्यादा संख्या में मरीज सामने आ रहे हैं। जिसके चलते गांव में कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए जा रहे हैं। अगर किसी को भी बुखार है तो उसी समय उसको सैंपल करवाना चाहिए, ताकि अगर मरीज को कोरोना है तो समय पर उसका इलाज हो सके।
- डॉ. संदीप यादव, मेडिकल ऑफिसर सिसाय।
सिसाय प्रदेश का सबसे बड़ा गांव है और इसको नगरपालिका का दर्जा भी मिल चुका है। यहां पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन सुविधाओं की और स्टाफ की बहुत कमी है। सीएचसी सिसाय में गांव की तरफ से काफी बार कोविड सेंटर बनाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन प्रशासन इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। सीएचसी में दवाएं तक मरीजों को पूरी नही मिल रहीं, जिसके चलते ग्रामीणों को झोलाछाप से व निजी अस्पतालों में इलाज करवाने को मजबूर होना पड़ रहा है। -विनोद रोहिल्ला, सदस्य सिसाय वेलफेयर एसोसिएशन।