अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नगर निगम प्रशासन अब शहर में अतिक्रमण करने वालों से सख्ती से निपटेगा। अतिक्रमण करने वालों का अब चालान काटकर सीधा कोर्ट में भेजा जाएगा। इससे अतिक्रमण करने वाले को चालान भरने के लिए कोर्ट के चक्कर काटने पड़ेंगे। इसके लिए निगम कमिश्नर अशोक कुमार गर्ग जल्द ही तहबाजारी टीम के कर्मचारियों की बैठक लेकर उन्हें दिशानिर्देश देंगे। कमिश्नर के अनुसार इसी महीने के दूसरे सप्ताह तक अतिक्रमण के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया जाएगा।
गौरतलब है कि अभी तक तो नगर निगम प्रशासन अतिक्रमण करने वालों का सामान जब्त करता रहा है। सामान देते समय उनको जुर्माना लगाकर पर्ची काट दी जाती है। मगर अब कमिश्नर ने चालान कोर्ट में भिजवाने का निर्णय लिया है।
अब तो सड़कों पर भी होने वाला है कब्जा
इस समय शहर में अतिक्रमण की भरमार है। हर बाजार में दुकानदारों ने बरामदों से लेकर सड़कों तक पर कब्जा किया हुआ है। सेवक सभा अस्पताल के साथ लगती सड़क पर तो रेहड़ी लगाकर भी अतिक्रमण किया जा रहा है। इसका मामला भी कमिश्नर के संज्ञान में लाया गया है। इसी तरह बस स्टैंड से ऋषि नगर में जाने वाली रोड पर भी दोनों तरफ अतिक्रमण किया हुआ है। बस स्टैंड के पीछे बनी गलियों में दुकानों के बाहर रखे फ्लैक्स बोर्ड भी आवागमन में बाधा बन रहे हैं।
आज तक खाली नहीं हो सके राजगुरु मार्केट के बरामदे
राजगुरु मार्केट की दुकानों के बाहर बने बरामदों में किए गए अतिक्रमण का मामला लंबे समय से चला आ रहा है। कई बार शिकायतें देने के बावजूद आज तक इन बरामदों को खाली नहीं करवाया जा सका है। एक-दो बार निगम प्रशासन ने कोशिश की तो दुकानदारों के विरोध के कारण सफलता नहीं मिल सकी। इसी तरह राजगुरु मार्केट के साथ लगते बाजारों में भी दुकानदारों ने दुकानों से काफी आगे तक सामान लगाया हुआ है। इससे बाजारों में जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर त्योहारी सीजन में तो बेहद बुरा हाल होता है।
अतिक्रमण के कारण बिगड़ रही ट्रैफिक व्यवस्था
शहर में अतिक्रमण के कारण ही ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ रही है। पारिजात चौक से सुशीला भवन रोड, डीएन कॉलेज रोड, आर्य समाज मंदिर रोड, रेड स्क्वेयर मार्केट, डाबड़ा चौक रोड, बस स्टैंड रोड आदि प्रमुख स्थान ऐसे हैं, जहां लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या बनी हुई है।
अब तक के प्रयासों से अतिक्रमण पर पूरी तरह लगाम नहीं लग पाई है। इसलिए अब हमने फैसला लिया है कि अतिक्रमण करने वालों के चालान काटकर कोर्ट में भेजे जाएंगे, ताकि अतिक्रमणकारी वहां चक्कर लगाता रहे। जब सख्त फैसले लेंगे तभी अतिक्रमण पर लगाम लगेगी।
- अशोक कुमार गर्ग, कमिश्नर, नगर निगम