हिसार। आंखों में आंसू लिए धानोठी निवासी सुरेंद्र ने कहा कि मेरे लिए यह अभागा दिन आया है। एक ही दिन मैंने पिता और बेटे को एक साथ खो दिया। दादा-पोते दोनों में इतना प्यार था कि साथ सोते थे। शुक्रवार की रात को भी आशीष दादा के साथ सोया था। आज दोनों के शव भी एक साथ पड़े हैं।
सुरेंद्र ने मना किया था, पिता जी मत जाओ, नहीं माने
आशीष के पिता सुरेंद्र पूनिया ने बताया कि उसने बेटे आशीष और अपने पिता अभयराम को ईशरवाल जाने से रोका था। सुरेंद्र ने कहा था आज मत जाओ। फिर कभी चले जाना। जिस पर अभयराम ने कहा कि आज यह आए हुए हैं इनके साथ ही घूम आते हैं।
उधार की गाड़ी में आई मौत
ईशरवाल निवासी घायल सुरेंद्र अपने किसी जानकार की गाड़ी मांगकर लाया था। उसके पास गाड़ी नहीं थी। उसने गांव के एक बनिया परिवार से गाड़ी उधार ली थी।
पत्नी को बोला झूठ, आशीष को थोड़ी चोट है...
हादसे के बाद नागरिक अस्पताल में पहुंचे सुरेंद्र पूनिया के पास उनकी पत्नी का फोन आया। उन्होंने पूछा आशीष की कैसी हालत है, मुझे बताओ। मेरी आशीष से बात कराओ, नहीं तो मैं गाड़ी करके हिसार आ रही हूं। इस पर सुरेंद्र ने अपनी पत्नी को झूठी दिलासा देते हुए कहा कि आशीष को थोड़ी चोट है। आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टर अंदर नहीं जाने दे रहे। दो तीन घंटे बाद आपकी बात करा दूंगा। सुरेंद्र पूनिया ने कहा कि मेरी डिंपल यह सदमा कैसे सह पाएगी। अपने दादा और भाई को खोने का सदमा सहन नहीं कर पाएगी।