अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। गांव बालसमंद-भादरा रोड पर बनी ढाणी के पास दस दिन से खुले मैनहोल में गिरे डेढ़ वर्षीय मासूम नदीम की बोरवेल में गिरने के तीन घंटे 48 मिनट बाद पहली हलचल देखी जा सकी। नदीम शाम 5 बजकर 20 मिनट पर बोरवेल में गिरा था, जबकि रात 9 बजकर 8 मिनट पर वेब कैमरे के जरिये उसकी लोकेशन देखने की कोशिश की गई। वेब कैमरे से नदीम की गर्दन हिलती हुई दिखी। सेना के जवानों ने टॉर्च बोरवेल में डालकर उसको देखने का प्रयास किया। इस तरह नदीम के सुरक्षित होने का समाचार परिजनों को भी दिया गया तो सभी ने एकबारगी राहत की सांस ली।
कुछ देर रोने के बाद चुप हो जाता बच्चा
बोरवेल में फंसे बच्चे की स्थिति काफी पीड़ादायक बनी रही। वह कुछ देर रोने के बाद अचानक चुप हो जाता। अधिकारियों ने बोरवेल में बिस्कुट डालकर उस तक पहुंचाने का प्रयास किया। मगर सफल नहीं हो पाए। बाद में अधिकारियों ने पूरा फोकस आसपास में खुदाई तेजी से करवाने पर किया। इसलिए एक साथ पांच जेसीबी लगाई गईं।
रोती रही नदीम की मां
अपने बेटे के बोरवेल में गिरने के बाद से ही नदीम की मां गुलशन का रो-रोकर बुरा हाल था। परिवार के अन्य सदस्य उन्हें बार-बार समझाने का प्रयास करते रहे। एक बार चुप होने के बाद थोड़ी देर बाद फिर से बच्चे के हाल को महसूस कर मां गुलशन का कलेजा भर आता।
राजनीतिज्ञों का भी लगने लगा जमावड़ा
जैसे-जैसे सूचना राजनीतिज्ञों को मिलती गई, वैसे-वैसे उनके खेत में पहुंचने का दौर शुरू हो गया। आदमपुर से विधायक कुलदीप बिश्नोई के बेटे भव्य बिश्नोई के अलावा भाजपा के युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष एवं जिला पार्षद अरुणदत्त शर्मा, ब्लॉक समिति चेयरमैन व भाजपा नेता हंसराज बैनीवाल भी मौके पर पहुंचे। इसके अलावा सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह व उनके परिवार के सदस्य अंजलि आदि ने व्यवस्था बनाने में अपना योगदान दिया।
भयंकर लापरवाही, दोबारा नहीं होनी चाहिए
इस पूरी कार्रवाई के दौरान जो भी ग्रामीण वहां मौजूद रहा, उसके मुंह से यही बात निकलती रही कि बोरवेल खोदने के बाद उसे नहीं ढकना भयंकर लापरवाही रही। बोरवेल खोदने के बाद उसको ढककर ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए थी कि कोई भी बच्चा उसमें न गिरे। वहीं कुछ ग्रामीण यह भी कहते रहे कि अब जो हो गया, उसको तो नहीं ठीक किया जा सकता लेकिन दोबारा ऐसी लापरवाही न हो, इसके प्रति जागरूक होना जरूरी है।
डीसी ने पैमाइश करवाकर कार्रवाई करने का दिलाया भरोसा
उपायुक्त अशोक कुमार मीणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वीरवार को इस जमीन की पैमाइश करवाई जाएगी। उसके बाद बोरवेल की खुदाई करवाने वाले किसान के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हों।
आर्मी की टीम लेकर आई क्रिटिकल केयर एंबुलेंस
बच्चे के बोरवेल से निकलने के बाद उसे तत्काल प्रभाव से बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके, इस उद्देश्य से आर्मी की टीम अपने साथ कैंट से ही क्रिटिकल केयर एंबुलेंस भी लेकर आई। यह एंबुलेंस सेना के ऑपरेशन के दौरान मौके पर ही खड़ी रखी गई।