अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
मेयर शकुंतला राजलीवाला ने हाउस की बैठक में निगम अधिकारियों से लेकर सरकार तक की पोल खोल दी। मेयर ने कहा कि अधिकारी जिसे चाहे, उन्हें नौकरी लगा रहे हैं और जिसे चाहे हटा रहे हैं। ऐसा ही करना था तो भर्ती के लिए टेस्ट प्रक्रिया ही क्यों रखी।
उन्होंने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को रखने के लिए तीन से चार बार कंप्यूटर टेस्ट की प्रक्रिया हुई। टेस्ट में पास होने वाले केवल 16 कर्मचारी ही थे। बाकी 40 से ज्यादा कर्मचारियों को निगम ने फिर किस तरह से नौकरी पर रख लिया।
जो टेस्ट पास करके आई, उसे ही हटाया
मेयर ने निगम हाउस में कहा कि मेरा उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाने का नहीं, लेकिन निगम में जो इस तरह के मामले आ रहे हैं, वो परेशान करने वाले हैं। ऐसे मामलों पर वो कभी चुप नहीं रहेंगी। मेयर ने कहा कि टेस्ट में पास करके आने वाली महिला कर्मचारी को अधिकारियों की आपसी खींचतान और अपने अधिकारी को बचाने के लिए नौकरी से हटा दिया। जबकि सब कमेटी की मीटिंग की जानकारी मौखिक रूप से एमई और बीआई को चेयरमैन ने खुद दी थी। अधिकारी खुद मीटिंग में नहीं आना चाहते थे। मोहरा महिला कर्मचारी राधा को बना दिया गया। अधिकारी ने उसे हटा भी दिया।
मेयर ने कहा, उसे वापस दो नियुक्ति
मेयर ने कहा कि जो कर्मचारी टेस्ट के बल पर नौकरी कर रही थी, उसे तो हटा दिया गया। जो बिना टेस्ट के आए हैं, उन्हें रखा जा रहा है। इस पर कमिश्नर ने चुप्पी साध ली। टेक्निकल विंग कोई जवाब नहीं दें पाई। मेयर ने कहा कि उसे वापस नियुक्ति दो।