अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
धान्सू रोड स्थित बाड़े में लगातार पशु मर रहे हैं। बाड़े में बुधवार को फिर छह पशुओं की मौत हो गई। लगातार मर रहे पशुओं को लेकर तिलक ने केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी, सीएम मनोहर लाल खट्टर सहित सरकार के मंत्री, अधिकारियों के पास शिकायत भेजी है। शिकायतकर्ता ने फोटो सहित मौके से जुटाए सबूत एकत्रित कर भेजे हैं। पीपल फॉर एनिमल्स की मुखिया मेनका गांधी ने इस पर संज्ञान लेते हुए शिकायतकर्ता से बात की है। उनके कार्यालय से आए फोन पर शिकायतकर्ता से मौखिक भी जानकारी हासिल की गई है। साथ ही पशुबाड़े की लोकेशन, संचालन के बारे में भी पूछा गया है। मामले के बाद नगर निगम कार्यालय तक सूचना पहुंच गई, जिससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
एक हजार से ज्यादा पशु तोड़ चुके दम
नगर निगम के बाड़े में एक हजार से ज्यादा पशु दम तोड़ चुके हैं। नगर निगम ने वर्ष 2016 में खुद आरटीआई में जानकारी दी थी कि उस वक्त 400 पशु दम तोड़ चुके थे। अमर उजाला ने इस मामले का सबसे पहले खुलासा किया था। 2 नवंबर 2016 में अमर उजाला ने मृत पशुओं का औसत निकालकर हर रोज पांच पशुओं की मौत होने की खबर प्रकाशित की थी। अगर इसका आकलन करें तो अब तक एक हजार से ज्यादा पशुओं की मौत हो चुकी है। इसके बाद बार-बार ये मामला उठता रहा, लेकिन अधिकारी एक बार तो हरकत में आते हैं, उसके बाद फिर वही व्यवस्था बन जाती है।
पशु उठाने वाले पर सख्ती, कहा - मीडिया को नहीं बताना
मृत पशुओं को उठाने वाले कांट्रेक्टर को नगर निगम के अधिकारियों ने मीडिया से बात न करने की हिदायत दी है। कांट्रेक्टर के कर्मचारियों को कहा गया है कि यहां से हर रोज कितने पशु उठाए जाते हैं, इसके बारे में कोई सूचना नहीं देगा। अधिकारी भी बोलने से कतरा रहे हैं। आयुक्त नगर निगम ने कार्यालय में ब्रांच वाइज लेटर जारी कर दिया है कि कोई भी कर्मचारी मीडिया को बयान नहीं देगा।
आम लोगों से अपील, गोवंश के लिए करें दान
आम लोगों से अपील है कि गोवंश को बचाने के लिए उनके चारे-पानी की व्यवस्था बारे निगम की आर्थिक सहायता की जाए। क्योंकि निगम की रजिस्टर्ड नंदीशाला को समाजसेवीही चला रहे हैं। चुनिंदा समाजसेवी व गो सेवक ही इन पशुओं की देखभाल, चारे की व्यवस्था कर रहे हैं। जरूरत से ज्यादा बोझ भी वे उठाने में सक्षम नहीं, आम लोग इसके लिए आगे आएं। दान के लिए निगम कार्यालय में संपर्क करें।
सुबह हमने पता करवाया था, उस वक्त तक तो किसी पशु मरने की सूचना हमारे पास नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी हमारे पास आई नहीं है। उसके बाद ही पता चल पाएगा आखिर पशुओं की मौत का क्या कारण रहा है।
- इंद्रजीत कुल्हड़िया, ईओ नगर निगम