गोगा मेड़ी में शुरू होने वाले मेले में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए हिसार डिपो की ओर से 20 स्पेशल बसें चलाई जाएंगी। फिलहाल केवल दो ही बसें राजस्थान के गोगा मेड़ी जाती हैं। मेले के मद्देनजर हिसार रोडवेज प्रशासन की ओर से राजस्थान सरकार से 20 स्पेशल बसें चलाने के लिए अनुमति मांगी जाएगी। हनुमानगढ़ जिले के गोगा मेड़ी मंदिर में हर साल अगस्त में विशाल मेला लगता है। जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु भाग लेते हैं।
राजस्थान के गोगा मेड़ी में गोगा नवमी के उपलक्ष्य में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इनमें हरियाणा व राजस्थान के साथ-साथ उत्तरप्रदेश, दिल्ली, मध्यप्रदेश और बिहार से भी कुछ दिन पहले ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो जाता है। इसके अलावा यहां राज्यस्तरीय पशु मेला भी लगता है, जिसमें अन्य राज्यों के पशु व्यापारी भी पहुंचते हैं। इस बार यह मेला 10 अगस्त से शुरू होगा जो 9 सितंबर तक चलेगा। श्रद्धालुओं की तादाद के अनुमान पर रोडवेज प्रशासन उन्हें गोगा मेड़ी धाम पहुंचाने के लिए यातायात व्यवस्था में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता है। इसके लिए अतिरिक्त बसें चलाने के लिए अनुमति लेने का फैसला लिया गया है।
गोगा मेड़ी पहुंचने के लिए फिलहाल हिसार से सीधी कोई बस नहीं चलती है। केवल दो ही अलग-अलग रूट की बसें हैं जो गोगा मेड़ी होकर निकलती है। इनमें एक सूरतगढ़ रूट और दूसरी खाजूवाला रूट की बस है। ऐसे में गोगा मेड़ी जाने वाले श्रद्धालुओं को हिसार से भादरा जाने के बाद बसें बदल-बदलकर पहुंचना पड़ता है।
राजस्थान सरकार के आरटीए विभाग द्वारा अनुमति मिलने के बाद अतिरिक्त 20 बसों का संचालन शुरू किया जाएगा। ये बसें 15 अगस्त से 22 अगस्त तक अस्थायी रूप से चलाई जाएंगी। अभी हिसार से गोगा मेड़ी का किराया 69 रुपये है। इसलिए इन अस्थायी बसों में भी यही किराया निर्धारित किया गया है।
ट्रैफिक मैनेजर राज सिंह अहलावत का कहना है कि राजस्थान से अनुमति के लिए इंस्पेक्टर मनफूल सिंह की ड्यूटी लगाई गई है। अनुमति लेने के लिए राजस्थान के आरटीए विभाग को फीस भी देनी होती है। सारी प्रक्रिया के बाद ही बसों का संचालन हो पाएगा।