अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। केस नंबर 430 के एक शिकायतकर्ता से जब केस के फैसले के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि वह फेरी लगाकर सामान बेचने का काम करता है। वह पिछले काफी दिनों से बाहर है। केस या कोर्ट के फैसले के बारे में उसे कोई जानकारी नहीं है। घटना में उसकी पत्नी मारी गई थी। पत्नी की मौत के बाद उन्होंने यहां पर आना छोड़ दिया है। कोर्ट के फैसले के बारे में उन्होंने बताया कि जो हो रहा है ठीक हो रहा है। पत्नी की मौत के बाद अब उन्होंने दूसरी शादी कर ली है।
केस में जांच अधिकारी
केस के जांच अधिकारी एसआई देवराज सिंह ने बताया कि उन्होंने मृतकों के परिजनों के बयान दर्ज किए थे। परिजनों ने बताया कि उन्हें जबरदस्ती बंधक बनाया गया था। वह बाहर जाना चाहते थे, लेकिन उन्हें बाहर नहीं जाने दिया गया। कुछ लोग बीमार भी थे, जिनका इलाज नहीं कराया गया था। इसी वजह से उनकी मौत हो गई थी। केस दर्ज होने के बाद मामला एसआईटी को सौंप दिया गया था।
आईं थी कई परेशानियां : एसआईटी प्रमुख
एसआईटी प्रमुख इंस्पेक्टर सुमित कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले में जांच के दौरान कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा था। अब वो कठिनाइयां क्या थीं उसका मैं खुलासा नहीं करना चाहता। इसके बावजूद हमने इस बारे में पुख्ता सुबूत इकट्ठे किए। आज हमें खुशी है कि हम दोषियों को सजा दिलवाने में सफल रहे हैं।