15 नवंबर 2014 - अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने रामपाल को समर्पण करने का दो दिन का समय दिया और आश्रम के चारों तरफ बेरिकेट्स लगा दिए।
16 नवंबर 2014 - आत्मसमर्पण करने की कोई पहल नहीं दिखाई देने पर थोड़ी फोर्स बढ़ाई गई।
17 नवंबर 2014 - हरियाणा पुलिस, जीआरपीएफ और आरपीएफ के हजारों जवान बरवाला आश्रम के दरवाजे पर पहुंचे।
17 नवंबर 2014 -आश्रम खाली करने के आदेश दिए, मगर अनुयायी नहीं डिगे व आश्रम के गेट के आगे डेरा डाले रहे।
17 नवंबर 2014 - आश्रम प्रवक्ता राजकपूर समेत करीब 10 अनुयायियों ने खुद पर डीजल छिड़क कर आग लगाने की कोशिश की थी।
18 नवंबर 2014 - रामपाल के अनुयायियों ने अपने ऐलान पर अडिग रहते हुए सतलोक आश्रम को कुरुक्षेत्र का मैदान बना दिया।
18 नवंबर 2014 - रामपाल को गिरफ्तार करने के लिए आश्रम पर दबिश देने पहुंची पुलिस पर अनुयायियों ने जबरदस्त हमला किया।
18 नवंबर 2014 - आश्रम की छतों से रामपाल के निजी कमांडो ने पुलिस पर सीधी फायरिंग की।
18 नवंबर 2014 - आश्रम की दीवार को गिराने के लिए आगे बढ़ी जेसीबी को अनुयायियों ने पेट्रोल बम पेट्रोल से भरी बाल्टी फेंक कर फूंक डाला।
18 नवंबर 2014 - पुलिस ने जवाबी कार्रवाई शुरू की और लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
18 नवंबर 2014 - पुलिस ने आश्रम में घुसने के लिए साढ़े चार घंटे तक जद्दोजहद की, लेकिन प्रयास विफल रहे।
19 नवंबर 2014 - पुलिस रामपाल के बाहर आने का इंतजार करती रही और शाम हो गई।
19 नवंबर 2014 - शाम को पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए रामपाल को काबू कर लिया।
20 नवंबर 2014 - रामपाल के डेरे को पुलिस ने पूरी तरह अपने कब्जे में ले लिया।
20 नवंबर 2014 - रामपाल को स्वास्थ्य जांच के लिए चंडीगढ़ पीजीआई ले जाया गया।