अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
शहरी एरिया में जातिगत जनगणना के लिए उतरे सक्षम युवाओं को पहला सवाल ही भारी पड़ गया। सक्षम युुवाओं ने मकान मालिक का नाम पूछकर उनकी जाति पूछी तो मालिक की ओर से सर्वेयर पर ही कई सवाल दाग दिए गए। मालिकों ने पूछा आप कौन हो, हमसे जाति क्यों पूछ रहे हो, अपना आई कार्ड दिखाओ।
सोमवार से शहरी एरिया में जातिगत जनगणना करने का जिले के 200 सक्षम युवाओं को जिम्मा सौंपा गया है। सोमवार को दोपहर से जातिगत जनगणना शुरू हो गई है। जनगणना करने के पहले दिन सक्षम युवाओं की टीम को फील्ड में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ा। सक्षम युवाओं को जातिगत जनगणना करने के दौरान शहरवासियों के सवालों का सामना करना पड़ा।
नक्शे का प्रिंट धुंधला होने के कारण मकान ढूंढने में आई परेशानी
अर्बन एस्टेट एरिया मे जातिगत जनगणना कर रही सक्षम युवा पुष्पा को मकान नंबर ढूंढने में परेशानी रही। पुष्पा को निगम ओर मिली जनगणना सीट पर अर्बन एस्टेट के नक्शे का प्रिंट धुंधला था जिससे सक्षम युवा पुष्पा को मकानों को खोजने में काफी परेशानी हुई। मॉडल टाउन एरिया में जनगणना कर रहे जमावड़ी के जितेंद्र ने बताया कि लोगों ने हमसे कई प्रकार के सवाल पूछे। कई लोग बोले- भाई कौण सै तू, हम क्यूं बतावैं अपनी जात। जिनका जवाब मिलने के बाद ही लोगों ने अपनी जाति बताई। कुछ लोगों ने हमारा सहयोग भी किया। सक्षम जितेंद्र ने बताया कि जातिगत जनगणना करना प्रत्येक सक्षम युवा के लिए एक अच्छा अनुभव है।
ऑथोरिटी लेटर मिलने में हुई देरी
रविवार को लघु सचिवालय में हुई मीटिंग ने सक्षम युवाओं को सोमवार सुबह 9 बजे ऑथोरिटी लेटर देने की बात हुई थी। सोमवार को सक्षम युवाओं को दोपहर 1 बजे तक ऑथोरिटी लेटर नहीं मिला पाया। नगर निगम कार्यालय के कांफ्रेंस हॉल में ऑथोरिटी लेटर के लिए सक्षम अधिकारियों के साथ जद्दोजहद करते नजर आए। ऑथोरिटी लेटर प्राप्त करने के लिए सक्षम युवाओं को घंटों इंतजार करना पड़ा।
ऑथोरिटी लेटर देखने के बाद लोगों ने बताई जाति
सक्षम युवाओं की टीम को दिनभर एक ही सवाल का सबसे ज्यादा बार सामना करना पड़ा-
- सवाल: जाति क्यों को पूछ रहे हो?
- उत्तर: हम सक्षम सक्षम युवा हैं। शहर में आज से जातिगत जनगणना शुरू हुई है। नगर निगम की ओर से जातिगत जनगणना करने की हमारी ड्यूटी लगी है। ये देखो अथॉरिटी लेटर।
- अथॉरिटी लेटर देखने के बाद लोगों ने सक्षम युवाओं को अपनी जाति बताई। सक्षम युवाओं का सहयोग भी किया।
2011 में हुई थी जातिगत जनगणना
हाईकोर्ट में चल रहे कोर्ट केस मुरालीलाल गुप्ता व बैकवर्ड क्लास कमिशन के हवाले से हरियाणा सरकार प्रदेश में जातिगत जनगणना करवा रही है। बैकवर्ड क्लास कमिशन को 2011 में केंद्र सरकार ने देश में जनगणना करवाई थी। सरकार ने इस जातिगत जनगणना का आंकड़ा सार्वजनिक नहीं किया। केंद्र सरकार ने हरियाणा सरकार को 2011 में हुई जातिगत जनगणना का पूर्ण आंकड़ा न देते हुए सिर्फ डाटा एंट्री सीट दी। हरियाणा सरकार अपने लेवल पर राज्य में जातिगत जनगणना करवा रही है। गांव में पटवारी व अन्य कर्मचारियों के जरिए जनगणना कराई जा रही है।
............................
वर्जन--------
हाईकोर्ट के आह्वान पर शहर में जातिगत जनगणना हो रही है। इस कार्य में सक्षम युवाओं की टीम अपना अहम योगदान दे रही है। फील्ड में सक्षम युवाओं की देखरेख के लिए निगम अधिकारियों की भी ड्यूटी लगाई गई है। 18 मार्च तक गणना पूूरी कर ली जाएगी।
-जयबीर यादव, ज्वाइंट कमिश्नर नगर निगम हिसार।
भाई कौण सै तू, तन्नै क्यूं बतावैं अपणी जात
जातिगत सर्वे : लोगों ने ही पूछे सर्वेयर टीम से सवाल, सक्षम युवाओं को सर्वे करने में करना पड़ा परेशानियों का सामना