अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
बॉलीवुड कलाकार अखिलेंद्र मिश्रा ने कहा कि पद्मावती का विरोध वोट की राजनीति है। देश में खानपान से लेकर फिल्म तक हर जगह वोट की राजनीति हावी है। अगर हम अपनी वोट की राजनीति की प्राथमिकता बदल दें तो सब कुछ अच्छा हो जाएगा।
जीएसटी से जोड़ा विवाद
हरियाणवी फिल्म फेस्टिवल को लेकर एचएयू में पहुंचे बॉलीवुड कलाकार अखिलेंद्र मिश्रा, यशपाल शर्मा तथा फिल्म निर्देशक अश्विनी चौधरी मीडिया से रूबरू हुए। अखिलेंद्र मिश्रा ने पद्मावती फिल्म के विरोध को लेकर वोट बैंक की राजनीति काम कर रही है। फिल्म किसी ने देखी नहीं और विरोध में उतर आए। बिना फिल्म देखे ही उसका विरोध करना सरासर गलत है। कुछ राज्यों में चुनाव है और चुनावी फायदा उठाने के चक्कर में इस मुद्दे को उछाला जा रहा है। फिल्म निदेशक अश्विनी चौधरी ने कहा कि कोई भी सड़क छाप जान से मारने की धमकी दे रहा है। किसी का गला काटने को लेकर एलान किए जा रहा है। जिसकी जेब में पांच हजार रुपये न हो वो लोग पांच करोड़ रुपये देने का एलान कर हाईलाइट हो रहे हैं। ऐसे में चुप्पी बड़ी खतरनाक है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही चुप हैं। सत्ता में भाजपा है, इसलिए जंगलराज की स्थिति पैदा करने वालों पर कार्रवाई करने की जिम्मेवारी उसकी बनती है। पहले दिन ही धमकाने वाले लोगों पर कार्रवाई होती तो यह इतना बड़ा बवाल नहीं होता। जितना बवाल ज्यादा होगा, उतना फायदा भंसाली को होगा। यशपाल शर्मा ने कहा कि आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं करना चाहिए। निर्देशक संजय लीला भंसाली काफी समझदार व्यक्ति हैं। लोगों को भी एक बार फिल्म देखनी चाहिए। फिल्म बनाने का हक हर निर्देशक को है।
निदेशक को फिल्म बनाने की आजादी : अश्विनी चौधरी
अश्विनी चौधरी ने कहा कि फिल्म बनाने की आजादी निदेशक को है। उसे रिलीज करने की अनुमति देने के लिए सेंसर बोर्ड है। सेंसर बोर्ड को अपना काम करने देना चाहिए। सरकार ने जीएसटी लागू किया, हमसे पूछकर किया था क्या। जिन लोगों को सरकार चलाने का जिम्मा है, वे सरकार चलाएं। जिन लोगों को फिल्म बनाने का हक है, वे फिल्म बनाएं।