हिसार। भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह के साथ नामांकन दाखिल करने के समय उसके परिवार को कोई सदस्य आरओ कार्यालय तक नहीं जा पाया। उनकी माता, पत्नी, बेटी-बेटा तो पुलिस के दूसरे घेरे से आगे ही नहीं जा पाए, जबकि पिता बीरेंद्र सिंह आरओ कार्यालय तक तो पहुंच गए, लेकिन बृजेंद्र के साथ भाजपा के चार दिग्गजों को आगे करने के बाद वे स्वयं बाहर ही रुक गए। दूसरी ओर दुष्यंत चौटाला ने अपनी माता नैना चौटाला व पिता अजय चौटाला के साथ नामांकन दाखिल किया। पौने तीन बजे पहुंचे बसपा प्रत्याशी सुरेंद्र शर्मा पुलिस के तीसरे घेरे में पुलिस कर्मियों के साथ बहस करके 11 सदस्यों को आरओ कार्यालय के बाहर तक जाने में कामयाब हो गए।
विधायक प्रेमलता और परिवार के सदस्यों ने नहीं किया विरोध
बृजेंद्र जिस समय नामांकन दाखिल करने पहुंचे, उस समय उनके साथ उनकी माता उचाना से विधायक प्रेमलता, पत्नी जसमीत, बेटी कुदरत सिंह व बेटा समरवीर सिंह नहीं थे। वे कुछ देरी से वहां पहुंचे, लेकिन उनकी गाड़ी को लघु सचिवालय के पहले बेरिकेड्स पर ही पुलिस ने रोक लिया। लगभग 25 मिनट तक गाड़ी को अंदर जाने देने की गुहार लगाने के बावजूद जब पुलिस ने तीन गाड़ियां पहले ही अंदर जाने की बात कहकर अंदर नहीं जाने दिया तो विधायक अपने परिवार के सदस्यों को साथ लेकर पैदल ही आगे बढ़ीं। इस पर उन्हें पुलिस ने दूसरे बेरिकेड्स से आगे नहीं जाने दिया। पुलिस का तर्क था कि पहले ही काफी लोग अंदर गए हैं और नहीं जा सकते। विधायक प्रेमलता और उसके परिवार के सदस्यों ने किसी प्रकार का विरोध नहीं किया, बस प्रार्थना ही करते रहे। आखिरकार बृजेंद्र नामांकन दाखिल करने के बाद बाहर आए, तभी वे अपने परिवार से मिल पाए।
दुष्यंत माता-पिता के साथ गए
जजपा नेता व पूर्व सांसद दुष्यंत चौटाला अपने पिता अजय सिंह चौटाला और माता नैना चौटाला के साथ नामांकन दाखिल करने गए। इसके अलावा उनके साथ जजपा के प्रदेशाध्यक्ष निशांत सिंह और आम आदमी पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नवीन जयहिंद भी थे।
बैठने नहीं, खड़े होने आए हैं...
जब दुष्यंत चौटाला नामांकन दाखिल करने पहुंचे तो आरओ कार्यालय के अंदर नैना चौटाला एक खाली कुर्सी पर बैठ गईं। उसके पास ही एक और खाली कुर्सी थी। नैना चौटाला ने अजय चौटाला को उस कुर्सी पर बैठने के लिए कहा, लेकिन अजय चौटाला खड़े रहे और कहा कि हम बैठने नहीं, खड़े होने आए हैं। उनकी इस बात का अर्थ समझकर वहां मौजूद अधिकारी व कर्मचारी मुस्कुराए बिना न रह सके।
पुलिसकर्मियों से उलझे बसपा प्रत्याशी के समर्थक
बसपा-लोसुपा प्रत्याशी सुरेंद्र शर्मा करीब पौने तीन बजे अपना नामांकन दाखिल करने पहुंचे। तीसरे बेरिकेड्स पर पुलिस ने उन्हें केवल पांच लोगों को अंदर जाने की बात कही, लेकिन उनके साथ आए कार्यकर्ता पुलिस कर्मचारियों के साथ बहस पड़े और लगभग झगड़ते हुए 11 लोग अंदर घुस गए। हालांकि आरओ कार्यालय के बाहर तैनात पुलिस ने केवल पांच लोगों को ही अंदर घुसने दिया।
कार्यकर्ता करते रहे इंतजार
भाजपा प्रत्याशी को पहले ऑटो मार्केट के समीप वाले जिंदल पार्क से जुलूस की शक्ल में शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन करने लघु सचिवालय पहुंचना था। कार्यकर्ता जिंदल पार्क में एकत्रित भी हो गए थे, लेकिन भाजपा नेताओं ने अचानक से कार्यक्रम में बदलाव कर दिया और बृजेंद्र सिंह को लेकर सीधे नामांकन करने पहुंच गए। इसकी खबर कार्यकर्ताओं को भी नहीं लगी। नामांकन करने के बाद ही भाजपा प्रत्याशी बृजेंद्र सिंह और बड़े नेता जिंदल पार्क पहुंचे।