अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का कहना है कि वह 1982 में खुद भाजपा के बूथ अध्यक्ष होते थे। आज इसी पार्टी ने इतने सालों के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने का मौका दिया है। यह सिर्फ भाजपा में ही संभव हो सकता है। बाकी सारी पार्टियां तो अपने बेटे, बेटी, पोते-नाती को ही अध्यक्ष बनाती हैं, चाहे उनमें अकल हो या न हो। भाजपा में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के लिए बड़े घर में पैदा होने की जरूरत नहीं है। यहां चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। शाह हिसार में सोमवार को शक्ति केंद्र व बूथ प्रमुखों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश व देश की जनता प्रधानमंत्री मोदी की सरकार की नीतियों से प्रभावित है। सरकार की योजनाओं और अच्छे कार्यों की सिर्फ उन्हें जानकारी देने की जरूरत है। जानकारी मिलते ही मतदाता भाजपा के पक्ष में वोट देगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनावों में प्रदेश की दसों सीटों पर जीत का संकल्प दिलाकर भेजा।
राहुल गांधी बिना पढ़े रबी और खरीफ की चार फसलों के नाम बताकर दिखा दे
अमित शाह ने अपने भाषण में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को भी कई बार लपेटा। उन्होंने कहा कि राहुल बाबा को किसान और गरीब के बारे में कुछ नहीं पता है। उन्हें तो यह भी नहीं पता कि आलू जमीन के ऊपर बोया जाता है या नीचे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बिना पढ़े रबी और खरीफ की चार फसलों के नाम बताकर दिखा दें। उन्होंने कहा कि दस साल में किसानों का मात्र 52 हजार करोड़ रुपये कर्ज माफ करने वाली कांग्रेस को किसानों की बात नहीं करनी चाहिए। किसानों के खातों में छह हजार रुपये डालकर एक साल में ही मोदी सरकार 75 हजार करोड़ रुपये का लाभ देगी।
छड़े रह गए थे, मुख्यमंत्री से इस बात को मत जोड़ना
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हरियाणा के लिंगानुपात के मामले में सुधार की चर्चा करते हुए कहा कि पहले प्रदेश में काफी युवा छड़े रह जाते थे। चौधरी बीरेंद्र सिंह जानते हैं। शाह ने हंसते हुए कहा कि हमारे मुख्यमंत्री भी छड़े हैं, लेकिन इस बात को उनसे मत जोड़ना। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब एक हजार बेटों के मुकाबले बेटियों का आंकड़ा 914 तक पहुंच गया है। यह सब भाजपा सरकार की नेक नीयत के कारण हो पाया है।
शाह के अलावा मंच पर रहे सिर्फ सात नेता
मंच पर सिर्फ अमित शाह के अलावा लोकसभा चुनाव प्रभारी कलराज मिश्र, सह प्रभारी विश्वास सारंग, प्रदेश प्रभारी अनिल जैन, केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, प्रदेश संगठन महामंत्री सुरेश भट्ट, राष्ट्रीय सचिव सुधा यादव ही उपस्थित रहे। स्थानीय विधायक डॉ. कमल गुप्ता और जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया के अलावा तीनों लोकसभा क्षेत्रों से पार्टी के चेयरमैनों को भी मंच पर जगह नहीं मिली।
मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री बजट सत्र में रहे व्यस्त
मुख्यमंत्री मनोहर लाल और वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के अलावा अन्य सभी मंत्री विधानसभा में बजट सत्र होने के कारण वहां व्यस्त रहे। इसलिए मुख्यमंत्री और उनके अन्य मंत्री अमित शाह के इस सम्मेलन में हिस्सा नहीं ले पाए।
तीनों लोकसभा में 27 विधानसभा सीटें, भाजपा के सिर्फ छह विधायक
सिरसा, हिसार व रोहतक इन तीनों लोकसभा में विधानसभा की 27 सीटें हैं। मगर इनमें से मात्र छह सीटों पर ही भाजपा के विधायक जीत पाए थे। खास बात यह है कि सिरसा और रोहतक में तो मात्र एक-एक ही भाजपा के विधायक हैं, जबकि हिसार लोकसभा में चार विधायक बने थे। इस दृष्टि से भी भाजपा के लिए इन तीनों लोकसभाओं का बड़ा राजनीतिक महत्व है।
तीन लोकसभा सीटों का यह है ग्राफ
रोहतक जिले की स्थिति
सांसद - कांग्रेस के दीपेंद्र हुड्डा
कुल विधानसभा सीटें - 9
भाजपा के विधायक - 1
हिसार जिले की स्थिति
सांसद - जेजेपी के दुष्यंत चौटाला
कुल विधानसभा सीटें - 9
भाजपा के विधायक - 4
सिरसा जिले की स्थिति
सांसद - इनेलो के चरणजीत सिंह रोड़ी
कुल विधानसभा सीटें - 9
भाजपा के विधायक - 1
150 कार्यकर्ता अग्रसेन भवन में इंतजार करते रहे, एयरपोर्ट चले गए शाह
सम्मेलन की समाप्ति के बाद अमित शाह को अग्रसेन भवन में तीनों लोकसभाओं के प्रमुख 150 कार्यकर्ताओं की बैठक लेनी थी। उन्होंने जैसे ही अपना संबोधन खत्म किया तो मंच संचालन कर रहे प्रदेश महामंत्री संजय भाटिया ने इन कार्यकर्ताओं को अग्रसेन भवन भेज दिया। बाद में मंच से उतरकर अमित शाह अन्य नेताओं के साथ भोजन करने लगे। भोजन खत्म करने के बाद अमित शाह का काफिला सीधा एयरपोर्ट की ओर निकल गया। बाद में चुनाव प्रभारी कलराज मिश्र ने ही बैठक को संबोधित किया।
काली चुन्नी तक नहीं ले जाने दी पुलिस ने
अमित शाह के कार्यक्रम में पुलिस का कड़ा पहरा रहा। प्रत्येक कार्यकर्ता की तलाशी ली गई। महिलाओं को काली चुन्नी तक भी पंडाल में नहीं ले जाने दी गई। वीआईपी गाड़ियों को भी मुख्य गेट की तरफ नहीं जाने दिया गया। मुख्य गेट से पहले सूची में शामिल नाम वालों को ही जाने दिया गया।
ये भी रहे उपस्थित
इस दौरान विधायक डॉ. कमल गुप्ता, जिलाध्यक्ष सुरेंद्र पूनिया, जिला महामंत्री सुजीत कुमार, मेयर गौतम सरदाना, अशोक गोयल मंगालीवाला, पूर्व चेयरमैन जोगीराम सिहाग, पवन खारिया, भीम महाजन, सुरेश धूपवाला सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।