अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। राज्यसभा सांसद डॉ. डीपी वत्स ने रविवार को आचार संहिता लगी होने के बावजूद पानी के टैंकर देने की घोषणा कर दी। उन्होंने हांसी की तरह ही नलवा हलके में भी 20 पानी के टैंकर देने का ऐलान किया।
सांसद वत्स रविवार को वार्ड नंबर 16 के कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करने आए थे। इस दौरान जिला महामंत्री सुजीत कुमार ने उनसे हांसी की तर्ज पर नलवा हलके के गांवों के लिए भी टैंकर देने की मांग की। जब सांसद की बोलने की बारी आई तो उन्होंने 20 टैंकर देने की घोषणा कर दी। इसके बाद जब किसी ने उनके कान में आकर कहा कि आचार संहिता लगी है तो तत्काल सांसद 16 दिसंबर के बाद इस मसले पर चर्चा करने की बात कहकर अपनी सीट पर जाकर बैठ गए।
नलवा हलके का एरिया भी है निगम में शामिल
गौरतलब है कि नगर निगम चुनाव के मद्देनजर इस समय शहर में आचार संहिता लगी हुई है। आचार संहिता के दौरान किसी भी विधायक, मंत्री या सांसद द्वारा किसी भी तरह की चीज देने की घोषणा नहीं की जा सकती है। मगर राज्यसभा सांसद डॉ. डीपी वत्स बोलते-बोलते यह भूल गए कि वह आचार संहिता में कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित कर रहे हैं। विशेष बात यह है कि जिस नलवा हलके के लिए उन्होंने टैंकर देने की घोषणा की है, उसका भी कुछ एरिया नगर निगम में आता है।
निगम चुनाव की पहली बैठक में ही आए थे डीपी वत्स
नगर निगम चुनाव की घोषणा होने के बाद पिछले दस दिन से भाजपा की ओर से बैठकों का दौर चल रहा है। मगर खास बात यह भी है कि रविवार को पहली बार किसी बैठक में डॉ. डीपी वत्स ने हिस्सा लिया था। इस बैठक में विधायक डॉ.कमल गुप्ता को भी आना था। मगर वह दिल्ली गए हुए थे। इसलिए उनके स्थान पर उनकी पत्नी प्रतिमा गुप्ता बैठक में पहुंची।
अपनी ही सरकार की पोल खोल गए सांसद
बैठक के दौरान पानी को लेकर सांसद डॉ. डीपी वत्स अपनी ही सरकार की पोल खोल गए। उन्होंने कहा कि नारनौंद हलके में उनका गांव थुराना है जबकि पानी पांच किलोमीटर दूर गांव पाली से लाना पड़ता है। ग्रामीण कहते हैं कि उन्हें स्वच्छ पेयजल नहीं मिलता है। गांवों में गंदे पानी की बड़ी समस्या है। उन्होंने कहा कि हिसार जिले के प्रभारी भी जनस्वास्थ्य विभाग के मंत्री डॉ. बनवारी लाल हैं। इस समस्या के समाधान पर काफी मेहनत करने की जरूरत है।