अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। नगर निगम का मेयर चुनाव अब रोमांचक होगा। अब तक मेयर चुनाव को लेकर हावी नजर आ रही भाजपा को कड़ी टक्कर मिलने वाली है। पूर्व मंत्री सावित्री जिंदल की करीबी पूर्व मेयर शकुंतला राजलीवाला भी अब मैदान में आ गई हैं। उन्होंने कांग्रेस की ओर से मेयर पद का टिकट पाने के लिए अपना आवेदन कर दिया है। शकुंतला राजलीवाला का आवेदन आने से मेयर चुनाव के पुराने समीकरण धराशायी हो गए हैं। अब नए समीकरण बनेंगे।
बुधवार को कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने मेयर और पार्षद पद के चुनाव को लेकर कार्यकर्ताओं की बैठक ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेयर व पार्षद का चुनाव पार्टी सिंबल पर लड़ा जाएगा और 5 दिसंबर से पहले मेयर व पार्षदों के दावेदारों की सूची जारी कर दी जाएगी।
गौरतलब है कि साल 2013 में नगर निगम बनने के बाद हुए चुनावों में शकुंतला राजलीवाला को हिसार की पहली मेयर बनने का खिताब मिला था। पहले उन्होंने दूसरी बार चुनाव लड़ने से मना कर दिया था। मगर अब जिंदल हाउस के आदेश पर दोबारा से मन बनाया है।
कांग्रेस के लिए राजलीवाला की दावेदारी बेहद महत्वपूर्ण
कांग्रेस पार्टी के लिए शकुंतला राजलीवाला की दावेदारी बेहद महत्वपूर्ण है। इसकी वजह यह है कि हर पार्टी जातिगत समीकरण तलाश रही है। शहर में पंजाबी और अग्रवाल समाज के वोट ज्यादा हैं। राजलीवाला अग्रवाल समाज से हैं। वहीं सावित्री जिंदल हिसार से विधानसभा का चुनाव लड़ती रही हैं। इसलिए शहरी वोटरों का झुकाव उनकी तरफ रहता है। यही कारण है कि निगम की राजनीति में जिंदल हाउस अहम भूमिका निभाता है। शकुंतला राजलीवाला सावित्री जिंदल की बेहद करीबी हैं। इसके अलावा शकुंतला के पास पांच साल का मेयर का अनुभव भी है। इसलिए उनको मजबूत दावेदार के रूप में देखा जा रहा है।
इसलिए होगा रोमांचक मुकाबला
अब तक कांग्रेस और इनेलो से मजबूत दावेदार सामने नहीं आने से भाजपा के दावेदार ही हावी लग रहे थे। मगर अब मुकाबला रोमांचक इसलिए हो गया है क्योंकि भाजपा से गौतम सरदाना और रेखा ऐरन को दावेदारी में सबसे ऊपर माना जा रहा है। अगर गौतम सरदाना या रेखा ऐरन में से कोई भाजपा का दावेदार बनता है तो उसे जिंदल हाउस से समर्थन प्राप्त शकुंतला राजलीवाला आसानी से कड़ी टक्कर दे सकती हैं।
तंवर ने भी राजलीवाला व जगदीश जिंदल को साथ बिठाकर दे दिए संकेत
वहीं बैठक के दौरान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर के एक तरफ शकुंतला राजलीवाला तो दूसरी तरफ सावित्री जिंदल के बेटे जगदीश जिंदल बैठे रहे। इससे भी कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संकेत देने का प्रयास किया गया। वहीं बैठक में 80 प्रतिशत से ज्यादा जिंदल समर्थक कार्यकर्ता ही पहुंचे हुए नजर आए।
सबसे अधिक मतों से पिछली बार विजयी हुई थी राजलीवाला
पिछला नगर निगम चुनाव शकुंतला राजलीवाला ने वार्ड नंबर 12 से लड़ा था। उन्होंने इस चुनाव में सबसे अधिक मतों से विजय हासिल की थी। राजलीवाला की जीत का अंतर 2421 वोटों का था। चुनाव में उन्हें 3457 वोट मिले थे जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी सुलोचना को 1036 वोट ही मिले थे। इसके बाद मेयर की सीट महिला के लिए आरक्षित होने के कारण 20 पार्षदों में से 16 का समर्थन लेकर शकुंतला राजलीवाला मेयर बनी थीं।
इनेलो ने अभी तक नहीं खोले हैं पत्ते
उधर, इनेलो की ओर से अभी तक मेयर प्रत्याशी को लेकर पत्ते नहीं खोले गए हैं। पार्टी में अभी तक दावेदारी भी शुरू नहीं हुई है। माना जा रहा है कि इनेलो-बसपा गठबंधन की नेता प्रतिपक्ष अभय सिंह चौटाला बैठक लेंगे। उसी बैठक में प्रत्याशी को लेकर चर्चा की जाएगी। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इनेलो निगम के मेयर पद की टिकट बसपा के हिस्से में डाल सकती है। अगर ऐसा होता है तो बसपा को अपने खेमे से मजबूत प्रत्याशी ढूंढने में कड़ी मेहनत करनी होगी।
कांग्रेस ने अग्रवाल प्रत्याशी दिया तो पंजाबी समाज को टिकट दे सकती है भाजपा
इन परिस्थितियों के बीच फिलहाल सबकी निगाहें भाजपा के मेयर प्रत्याशी पर टिकी हुई है। भाजपा के सूत्रों की मानें तो अगर कांग्रेस अग्रवाल समाज से प्रत्याशी बनाती है तो भाजपा संगठन पंजाबी समाज के किसी उम्मीदवार को मेयर पद की टिकट थमा सकती है। इस समय भाजपा हाईकमान के समक्ष 11 दावेदारों की लिस्ट गई हुई है। इसमें पंजाबी समाज से भीम महाजन, गौतम सरदाना, योगेश बिदानी, मीनु भुटानी, सुभाष मल्होत्रा, सुभाष धींगड़ा के नाम हैं जबकि अग्रवाल समाज से रेखा ऐरन और हनुमान ऐरन के नाम शामिल हैं।
शहर का विकास करवाना ही हमारा मुख्य मकसद रहा है। नगर निगम की पहली मेयर बनने का सौभाग्य मुझे मिला। जनता के सहयोग से पांच साल के पहले कार्यकाल में हमने शहर के विकास को लेकर हरसंभव प्रयास किया। कुछ कमियां रह गई थीं, उन्हें अबकी बार पूरा करना चाहती हूं। कार्यकर्ताओं की भी भावना थी कि मैं चुनाव लड़ूं। इसलिए आवेदन किया है। उम्मीद है दोबारा शहर की जनता समर्थन देकर सेवा का मौका देगी।
- शकुंतला राजलीवाला, पूर्व मेयर
अगर कांग्रेस शकुंतला राजलीवाला को मेयर पद का प्रत्याशी बनाती है तो इससे भाजपा की रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कांग्रेस की अपनी रणनीति हो सकती है। मगर यह स्पष्ट है कि हिसार में मेयर भाजपा का ही बनेगा। 19 दिसंबर को यह साबित भी हो जाएगा।
- डॉ. कमल गुप्ता, विधायक, भाजपा