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हड़ताल पर रहे निगम कर्मचारी, शहर से नहीं उठा 130 मीट्रिक टन कचरा

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार। नगर निगम के कर्मचारी बुधवार से तीन दिन की हड़ताल पर चले गए। इस कारण निगम कार्यालय में न कोई जन्म प्रमाण-पत्र बना न ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा हो सका। निगम कार्यालय में बने नागरिक सेवा केंद्र के काउंटरों पर भी ताला लटका रहा। सफाई कर्मचारियों ने भी काम का बहिष्कार कर दिया। इस कारण शहर से 130 मीट्रिक टन कचरा नहीं उठाया जा सका। हालांकि एक दिन पहले ही गांधी जयंती पर स्वच्छता अभियान चलाए जाने से हड़ताल के पहले दिन ज्यादा हालात नहीं बिगड़े। निगम के अफसर भी खाली कार्यालयों में बैठकर वापस चले गए।

नहीं कोई वैकल्पिक व्यवस्था
विशेष बात यह है कि पहले से ही कर्मचारियों द्वारा हड़ताल पर जाने का नोटिस देने के बावजूद शहर में सफाई के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। पहले दिन तो अधिकारियों ने स्थिति जांचने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। हालांकि वीरवार को कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो शहर में गंदगी बढ़ सकती है।
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800 से ज्यादा लोगों का कामकाज रुका
नगर निगम कार्यालय में रोजाना 800 से एक हजार लोग जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र, रिहायशी प्रमाण-पत्र, बीपीएल संबंधी वेरिफिकेशन व अन्य कार्यों के लिए आते हैं। इनके अलावा प्रॉपर्टी टैक्स भरने या जांचने के लिए आने वालों की संख्या अलग से है। इन सभी के कामकाज हड़ताल के कारण नहीं हो सके। लोग अपने कार्यों से संबंधित फाइल लेकर कार्यालय पहुंचे लेकिन जब उन्हें गेट बंद मिले तो काफी देर इंतजार करने के बाद वापस चले गए।

मैरिज रजिस्ट्रेशन व नक्शा जांच का काम भी नहीं हुआ
इसी तरह मैरिज रजिस्ट्रेशन, ट्रेड लाइसेंस, नक्शे की जांच करवाने, नक्शा जमा करवाने जैसे कार्य भी नहीं हो सके। अकाउंट ब्रांच से लेकर तहबाजारी शाखा में भी कोई काम नहीं हो सका। हालांकि इन ब्रांचों के अधिकारी जरूर कार्यालय पहुंचे। मगर अन्य स्टाफ नहीं होने से उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ी।

अब सोमवार को ही खुलेगा कार्यालय
बुधवार, वीरवार और शुक्रवार को हड़ताल रहेगी। इसके बाद शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण सोमवार को ही नगर निगम कार्यालय खुलेगा। उसी दिन सभी कार्य करवाए जा सकेंगे। इन तीन दिनों का पेंडिंग कार्य भी कर्मचारियों को सोमवार को ही निपटाना होगा।

मई महीने में 16 दिन तक चली थी हड़ताल
इसी साल 9 मई से लेकर 24 मई तक नगर निगम कर्मचारियों ने नगरपालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले हड़ताल की थी। 16 दिन तक चली हड़ताल के चलते शहर में चारों तरफ गंदगी का आलम हो गया था। शहरवासियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी थी। अब एक बार फिर तीन दिन की हड़ताल हो गई।

ये है कर्मचारियों की मुख्य मांगें :-
- कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए
- ठेकेेदारी प्रथा खत्म की जाए
- जब तक कर्मचारी पक्का न हो तब तक समान काम-समान वेतन दिया जाए
- वर्दी भत्ते और धुलाई भत्ते में बढ़ोतरी की जाए

कर्मचारी तीन दिन की हड़ताल पर हैं। पहले दिन तो हालात काबू में हैं। शहर में सफाई व्यवस्था को लेकर स्थिति जानी गई है। जिला प्रशासन को भी हड़ताल के बारे में अवगत करवाया गया है। वीरवार को आगामी कदम उठाए जाएंगे।
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- अशोक बंसल, कमिश्नर, नगर निगम

इसी साल 9 से 24 मई तक चली हमारी हड़ताल के बाद सरकार ने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, समान काम समान वेतन देने, नगर निगम, नगरपालिका व नगर परिषदों से ठेकेदार हटाने, कर्मचारियों को सौ-सौ वर्ग गज के प्लाट देने, अग्निशमन कर्मचारी को स्थायी करने, मिनिस्ट्रियल स्टाफ की अनेक मांगों पर सहमति जताई थी, लेकिन अभी तक समझौते को लागू नहीं किया। सरकार समय रहते हड़ताली कर्मचारियों की समस्याओं को हल करे अन्यथा यह हड़ताल अनिश्चितकालीन हो सकती है।
- प्रवीण कुमार, प्रधान, नगरपालिका कर्मचारी संघ, हिसार इकाई
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