अमर उजाला ब्यूरो
हांसी (हिसार)।
नए साल के पहले ही दिन ही शहर के श्याम बाबा मंदिर में लाखों की लूट हो गई। चोरों ने मंदिर के पुजारी को कमरे में बंद करके वारदात को अंजाम दिया। बड़सी गेट स्थिति पुलिस नाके से करीब 100 मीटर दूर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया है। वहीं व्यापारियों का आरोप है कि पुलिस ने नाके पर सही ड्यूटी नहीं दी। पुलिस अगर पूरी रात नाके पर रहती तो शायद यह वारदात न होती।
पुलिस की नाक के तले वहीं वारदात के विरोध में श्रद्धालुओं और व्यापारियों ने मंदिर के सामने ही धरना देकर बैठ गए और रोड जाम कर दिया। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया तो मौके पर पुलिस पहुंची। इसी बीच पुलिस और व्यापारियों के बीच हाथापाई हो गई। सर्व व्यापार मंडल के संयोजक प्रवीन तायल और अन्य व्यापारी भी धक्का-मुक्की में चोटिल हो गए। उधर, पुलिस ने इस संबंध में सरकारी काम में बाधा डालने, रोड जाम करने, मानहानि आदि के तहत प्रवीन तायल, पूर्व पार्षद गोबिंद सिंगला, अजय भारद्वाज, जगदीश मित्तल, सुरेंद्र, रमेश महत, लक्ष्मीकांत, भप्पी चाय वाला, सुनील, रामअवतार सहित 12 लोगों को नामजद कर 40-50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
हालांकि वारदात ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली की पोल खोल दी है। देर रात तक नाकाबंदी कर वाहनों और लोगों की चेकिंग का दम भरने वाली पुलिस की नाक के नीचे ही चोरों ने नए साल के पहले दिन इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया। मंदिर के समीप ही बड़सी गेट और एक अन्य चौक पर पीसीआर तैनात रहती है। मंदिर के प्रधान जगदीश मित्तल ने बताया कि श्री श्याम बाबा मंदिर में रात को नए साल के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। रात करीब दो बजे तक श्रद्धालु कार्यक्रम में भाग लेकर मंदिर से गए। सोमवार अल सुबह करीब चार बजे उनके पास मंदिर के पुजारी का फोन आया कि चोरों ने उन्हें कमरे में बंद कर दिया है और मंदिर को लूट रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज में वारदात
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार तीन नकाबपोश युवक हाथ में रॉड और टॉर्च लेकर सीढ़ियों के रास्ते से नीचे मंदिर में उतरते हुए दिखाई दे रहे हैं। चोरों ने पीछे की दीवार फांदकर चैनल गेट का ताला तोड़कर अंदर घुसे। चोरों ने सबसे पहले प्रथम तल पर बने पंडित के कमरों को बाहर से बंद कर दिया, इसके बाद वह नीचे मंदिर में पहुंचे।
नकदी और मूर्तियों से आभूषण चुराए
चोरों ने दान-पात्र का ताला तोड़कर करीब सवा लाख नकद, श्री श्याम बाबा का सोने का मुकुट, सोने का कुंडल, सोन का छत्र और कर्ण चुरा लिया। इस दौरान चोरों ने मंदिर में लगे पांच सीसीटीवी की वायर को भी काट दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद जब चोर वापस ऊपर गए तो उसी समय पंडित भागीरथ शास्त्री की नींद खुल गई। पंडित शास्त्री ने जैसे-तैसे कमरे का दरवाजा खोला। जैसे ही वह कमरे से बाहर आए तो तीन नकाबपोश युवक उनके सामने खड़े थे। शास्त्री ने बताया कि लुटेरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनके सिर पर वार कर उन्हें फिर से कमरे में बंद कर दिया।
मंदिर के प्रधान जगदीश मित्तल ने बताया कि सोमवार अल सुबह चार बजे वह मौके पर पहुंच गए और उन्होंने पुलिस को सूचना देने के लिए कई बार 100 नंबर पर डायल किया, लेकिन किसी भी पुलिसकर्मी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद उन्होंने किसी को पुलिस के पास भेजकर मामले की सूचना दी। इसके बाद जाकर सिटी थाना प्रभारी उदयभान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहीं जैसे-जैसे शहर के लोगों को वारदात के बारे में पता चलता गया, लोग मंदिर में एकत्रित होने लगे। सुबह ही काफी संख्या में श्रद्धालुओं और व्यापारी मौके पर पहुंच गए। लोगों में इस बात को लेकर रोष था कि पास में पीसीआर तैनात होने के बावजूद पुलिस की नाक के नीचे चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। महिला श्रद्धालुओं का कहना था कि चोरों ने तो भगवान का घर भी नहीं छोड़ा। इस अवसर पर सर्व व्यापार मंडल के प्रधान बजरंग बंसल, पूर्व चेयरपर्सन प्रतिनिधि सुमन शर्मा, चेयरपर्सन प्रतिनिधि रिंकू सैनी, अनिल बंसल, गोबिंद सिंगला, पार्षद अजय सैनी, भप्पी जैन आदि उपस्थित थे।
एसएचओ के खिलाफ की नारेबाजी तो हुई धक्का-मुक्की
मंदिर में लोगों का हुजूम जुटने के बाद वह बाहर रोड पर आ गए और उन्होंने धरना देकर रोड जाम कर दिया। इस दौरान व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। व्यापारियों और श्रद्धालुओं ने एसएचओ के खिलाफ भी नारेबाजी की। कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो लोग बिफर गए और उन्होंने पुलिस के समक्ष ही उनके खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस ने व्यापारी नेता प्रवीन तायल को उठाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर धक्का-मुक्की का माहौल होने के चलते हाथापाई की नौबत तक आ गई। फिलहाल पुलिस ने इस मामले को लेकर 12 लोगों को नामजद कर 40-50 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।