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मंत्री की उपस्थिति में डीसी के साथ जनपरिवाद समिति सदस्यों की तू - तू , मैं - मैं

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
जन परिवाद समिति की सोमवार को आयोजित बैठक में समिति के सदस्यों की डीसी के साथ जमकर तू-तू, मैं-मैं हुई। समिति के सदस्य रामफल बूरा घिराय ने डीसी निखिल गजराज पर कई आरोप जड़ दिए। डीसी ने भी मौके पर जवाब दिए। समिति सदस्य प्रोफेसर केएल रिणवा ने भी डीसी को भाषा सही रखने की नसीहत दी।
जन परिवाद समिति की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। करीब 13 महीने पुरानी गांव सातरोड़ की शिकायत को मीटिंग में रखा गया तो समिति सदस्य रामफल बूरा घिराय खड़े हो गए। रामफल बूरा ने कहा कि बार-बार वही पुरानी शिकायतें जन परिवाद समिति की बैठक में रखी जा रही हैं। डीसी साहब, आप बुरा मत मानना, लेकिन सच तो यही लग रहा है कि कहीं न कहीं आपकी अनदेखी केे कारण ही जनता परेशान हो रही है। जनता में सरकार की छवि खराब हो रही है। कैटल फ्री, ओडीएफ के दावे फेल हैं। शिकायतों को लंबा खींचा जा रहा है। इतना सुनकर डीसी को गुस्सा आ गया। डीसी बोले, इस तरह से आप किसी को व्यक्तिगत ब्लेम नहीं कर सकते। डीसी के समर्थन में कुछ अधिकारी भी खड़े हो गए। हंगामा होने के बाद कुछ सदस्यों ने शांत कराने का प्रयास किया। डीसी साहब ने कहा कि अगर किसी को ऐसी बात कहनी हो तो अभी कह लें। बीच-बीच में मीटिंग को डिस्टर्ब किया जाएगा तो ऐसे लोगों को बाहर जाना पड़ सकता है। डीसी ने कहा अधिकारियों को भी विवेक से काम लेना चाहिए। डीसी की बात खत्म होने पर रामफल बूरा ने कहा कि आप मुझे कैसे बाहर निकाल सकते हैं। मुझे सरकार ने सदस्य बनाया है। किसी को भी यहां से जाना पड़ सकता है।
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15 दिन में समाधान नहीं किया तो कार्रवाई
सदस्यों की ओर से शिकायतों को लंबा खींचा जाने के बाद मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने कहा कि शिकायतों के निवारण का समय तय होगा। अगर किसी ने जानबूझकर देरी की तो उस अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने 15 दिन में काम पूरा करने के आदेश दिए। काम पूरा नहीं हुआ तो निगम अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीसी साहब भाषा की मर्यादा बनाकर रखें
समिति के मनोनीत सदस्य प्रो. केएल रिणवा ने घेरते हुए कहा कि अधिकारी अपनी मर्जी से किसी शिकायत को एजेंडे से हटा देते हैं। उसी शिकायत को आठ महीने बाद नई शिकायत के तौर पर डाल लेते हैं। डीसी ने प्रो. रिणवा को कहा कि आप यह मामला समझ ही नहीं रहे। इस पर प्रो. केएल रिणवा ने कहा, डीसी साहब मैं आपको तो बोल ही नहीं रहा। मैं तो अध्यक्ष महोदय को बोल रहा हूं। किसी शब्द का क्या मतलब है, किस टोन में बोला गया, सब समझता हूं। आप भाषा की मर्यादा बनाकर रखो।
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पिछली बैठक में भी लगे आरोप
जन परिवाद समिति की पिछली बैठक में चेयरमैन डॉ. बनवारी लाल नहीं आए थे। डीसी ने बैठक ली थी। इसमें गांव रायपुर निवासी एक व्यक्ति ने डीसी पर ही आरोप जड़ दिए थे। इस पर शिकायत को जन परिवाद समिति की बैठक से डिस्पोज ऑफ कर दिया था। साथ ही यह भी कहा कि आपको हम पर भरोसा नहीं तो कोर्ट चले जाओ।
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