पराली जलाने के मामले बढ़ने के साथ ही वायु प्रदूषण विकराल रूप ले रहा है। रविवार को प्रदेशभर में 176 जगहों पर पराली जलाए जाने की रिपोर्ट हरसैक की तरफ से दी गई। 10 स्थानों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 के पार रहा।
एनसीआर में गुरुग्राम 479 वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ सबसे प्रदूषित शहर रहा। एनसीआर को छोड़ शेष हरियाणा की बात करें तो जींद जिले में हवा सबसे अधिक खराब रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक 444 दर्ज किया गया। एनसीआर में फैक्टरियों और गाड़ियों के धुएं को वायु प्रदूषण का जिम्मेदार माना जा सकता है, लेकिन शेष हरियाणा में जहां वायु प्रदूषण अधिक है, वहां बड़ी मात्रा में पराली जलाई गई है।
फतेहाबाद में 57 जगह पराली जली
जिन जिलों में पराली जलाने के मामले सबसे अधिक आए हैं, उन जिलों की हवा सबसे खराब रही। फतेहाबाद में सबसे अधिक 57 जगहों पर और जींद में 46 जगहों पर पराली जलाई गई। एनसीआर को छोड़कर वायु गुणवत्ता सूचकांक भी सबसे अधिक इन्हीं जिलों का रहा। जींद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 446 और फतेहाबाद का 435 दर्ज किया गया। जिन जिलों में अधिक पराली जलाई गई है, उसका असर आसपास के जिलों पर भी पड़ा है। जींद के साथ लगते जिले कैथल में 20 जगहों पर पराली जली और यहां का वायु गुणवत्ता सूचकांक 431 दर्ज किया गया। फतेहाबाद के साथ लगते हिसार जिले में 8 जगहों पर पराली जली, लेकिन वायु गुणवत्ता सूचकांक 409 रहा। पंचकुला की हवा सबसे साफ रही और यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 190 दर्ज किया गया।
300 से अधिक वायु गुणवत्ता सूचकांक वाले जिले
जिले एक्यआई
हिसार 409
फतेहाबाद 435
बहादुरगढ़ 400
बल्लभढ़ 378
धारूहेड़ा 436
फरीदाबाद 448
गुरुग्राम 479
जींद 444
अंबाला 299
कैथल 431
करनाल 337
कुरुक्षेत्र 332
मानेसर 407
पानीपत 407
रोहतक 398
सोनीपत 386
यमुनानगर 361
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किस जिले में कितनी जगह जली पराली -
अंबाला - 03
फतेहाबाद - 57
हिसार - 8
झज्जर - 2
जींद - 46
कैथल - 20
करनाल - 6
कुरुक्षेत्र - 1
नूंह - 1
पानीपत - 9
रोहतक - 5
सिरसा - 07
सोनीपत - 6
यजमुनानगर - 5