अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। जिले में तैनात एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) कर्मियों की हड़ताल के कारण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो रही हैं। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि रेगुलर स्टाफ को लगाकर सेवाओं को सुचारु रखा गया है, जबकि कर्मी नेताओं का दावा है कि सारी सेवाएं प्रभावित हैं।
जिले में एनएचएम कर्मियों की कुल संख्या 702 हैं। इनमें कर्मी नेताओं का दावा है कि 408 कर्मी हड़ताल में शामिल हैं, जबकि स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार 326 कर्मचारी ही हड़ताल पर हैं। सच्चाई जो भी है, लेकिन स्वास्थ्य सेवाओं पर असर तो पड़ ही रहा है। ये 702 कर्मचारी जिला मुख्यालय स्थित नागरिक अस्पताल से लेकर जिले की आठ सीएचसी और 35 पीएचसी में तैनात हैं। एनएचएम कर्मी पिछले आठ दिनों से अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं। मंगलवार को हड़ताली कर्मियों ने खून से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम खत लिखे।
टीकाकरण अभियान प्रभावित
हड़ताल के कारण सबसे अधिक टीकाकरण अभियान प्रभावित हो रहा है। इस अभियान में शामिल 150 एएनएम हड़ताल में शामिल हैं, जो पीएचसी-सीएचसी के अंतर्गत टीकाकरण अभियान चलाए हुए हैं। अब हड़ताल के कारण यह टीकाकरण खासा प्रभावित हो रहा है। जिले में 198 सब सेंटर हैं और प्रत्येक सब सेंटर पर एक सप्ताह में औसतन 30 टीके लगाए जाते हैं। पूरे जिले में सप्ताह में करीब 5940 टीके लगाए जाते हैं। एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन के प्रधान जगत बिसला के अनुसार टीकाकरण अभियान 70-80 प्रतिशत प्रभावित हो रहा है। हालांकि सरकारी विभाग द्वारा रेगुलर कर्मचारियों को इस अभियान से जोड़ दिया गया है, जिस कारण यह काम 30-40 प्रतिशत ही प्रभावित हो रहा है। हिसार नागरिक अस्पताल स्थित पीपीसी में टीकाकरण अभियान फिलहाल प्रभावित नहीं है, क्योंकि स्वास्थ्य अधिकारियों ने यहां रेगुलर स्टाफ की ड्यूटी लगा दी है।
स्टाफ नर्स का काम प्रभावित
जिले में 140 स्टाफ नर्स एनएचएम के तहत कार्यरत हैं। इनमें से अधिकांश जिले की आठ सीएचसी और 35 पीएचसी में तैनात हैं। इनमें से अधिकतर के हड़ताल में शामिल होने से स्टाफ नर्स द्वारा लिए जाने वाला कार्य बाधित हो रहा है। खासतौर पर पीएचसी में डिलिवरी का काम स्टाफ नर्स ही देखती हैं। ऐसे में पीएचसी में डिलिवरी के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को या तो सीएचसी या फिर नागरिक अस्पताल के लिए रेफर किया जा रहा है।
केएमसी अब रेगुलर के हवाले
जिला मुख्यालय पर नागरिक अस्पताल में स्थापित केएमसी (कंगारू मदर केयर) यूनिट का पूरा जिम्मा चार एनएचएम के हवाले था। हड़ताल पर चले जाने के कारण अब इसमें रेगुलर स्टाफ की ड्यूटी स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा लगाई गई है। हालांकि शिफ्टवाइज एक-एक नर्स इसकी देखरेख कर रही है।
एनआरसी में भी रेगुलर स्टाफ
एनआरसी यूनिट, जिसमें कुपोषित बच्चों को रखने की सुविधा है, इसमें एनएचएम की दो स्टाफ नर्स और दो कुक तैनाती थीं। हड़ताल के कारण यह यूनिट भी रेगुलर स्टाफ की देखरेख में है।
एएनसी टेस्टिंग भी प्रभावित
एएनसी की टेस्टिंग प्रभावित है। इसमें गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है, जिसकी जिम्मेदारी स्पेशलिस्ट एनएचएम कर्मी एलटी कमलेश पर थी। अब वे हड़ताल में हैं तो गर्भवती महिलाओं की टेस्टिंग का काम खासा प्रभावित है। इसके अलावा कुल 22 एंबुलेंस हैं, जिनमें से 10 गाड़ियां रेगुलर ड्राइवर को सौंपी हुई हैं। बाकी राम भरोसे हैं।
जिले में कितने एनएचएम कर्मी तैनात
अकाउंट्स असिस्टेंट - 20
इनफॉर्मेशन असिस्टेंट - 04
प्रशासकीय सहायक - 01
एएनएम - 247
अटेंडेंट - 03
ऑडियोलॉजिस्ट व स्पीच थैरेपिस्ट - 01
आयुष मेडिकल ऑफिसर - 20
क्लास फोर्थ - 07
कंप्यूटर असिस्टेंट - 09
डाटा एंट्री ऑपरेटर - 07
एमरजेंसी मेडिकल टेक्निशियन - 43
होम्योपैथी मेडिकल ऑफिसर - 10
होम्योपैथी फार्मासिस्ट - 09
इनफोर्मेशन असिस्टेंट - 34
स्टाफ नर्स - 140
ड्राइवर - 55
अन्य - 92
कुल 702
सीएचसी में इतने एनएचएम कर्मी
आर्य नगर - 50
बरवाला - 60
मंगाली - 42
सीसवाल - 50
सोरखी - 34
सिसाय - 40
नारनौंद - 43
उकलाना - 45
जब तक हमारी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हमारे 408 कर्मचारी हड़ताल में शामिल हैं और दिन-ब-दिन इसमें और कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। सरकार अपने वादे से मुकर रही है और कर्मचारियों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
-जगत बिसला, प्रधान, एनएचएम कर्मचारी एसोसिएशन
सभी एनएचएम कर्मी हड़ताल पर नहीं हैं। केवल 326 कर्मी हड़ताल पर हैं। वैसे किसी भी सेवा को बाधित नहीं होने दिया जा रहा। टीकाकरण, एएनसी समेत सभी सेवाओं में रेगुलर स्टाफ को तैनात कर मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं में कोई बाधा नहीं आने दी है। रिपोर्टिंग असिस्टेंट हैं, उसमें कुछ दिक्कतें थीं, लेकिन अब उसमें भी कर्मी की तैनाती कर रिपोर्ट रेगुलर ली जा रही हैं। बाकी ऊपर से जो आदेश आएंगे, उसके अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. जितेंद्र, इंचार्ज, एनएचएम कर्मी