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महिला आयोग की वाइस चेयरपर्सन ने हिसार पुलिस को क्रूर बताया

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अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
हरियाणा महिला आयोग ने कहा कि हिसार और हांसी पुलिस जिलों के 80 फीसदी मामलों में पुलिस प्रशासन ही पीड़ितों को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित कर रहा है। आयोग की वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज ने हिसार पुलिस को क्रूर बताया।
महिला आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन प्रतिभा, वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज, आयोग सदस्य सुमन बेदी ने मीडिया से बातचीत करते हुए पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा हिसार और हांसी पुलिस यहां के लोगों के लिए दुर्भाग्य है। दोनों जिलों में महिला पुलिस अधीक्षक होने के बावजूद यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। प्रतिभा सुमन ने कहा कि दोनों एसपी महिलाओं को सहयोग नहीं कर पा रही हैं। इस बारे में डीजीपी से बात करेंगी। इन जिलों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर हम सरकार को सिफारिश करेंगे। महिला आयोग में सबसे ज्यादा केस घरेलू हिंसा के आए। प्रतिभा सुमन ने कहा कि चौंकाने वाली बात यह है कि सबसे ज्यादा प्रताड़ना पुलिस प्रशासन ही कर रहा है। अधिकारियों में जनसेवा की भावना ही नहीं है। महिलाओं की समस्या का हल करना तो दूर पीड़ित के साथ संवेदनशीलता से बात करना भी मुनासिब नहीं समझा जाता।
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वाइस चेयरपर्सन प्रीति भारद्वाज ने कहा कि हिसार पुलिस क्रूर है। उन्होंने हिसार पुलिस के लिए अट्रोसिटी शब्द का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि आईपीएस ममता सौदा को नोडल ऑफिसर नियुक्त किया गया है, ताकि वे उनकी मदद ले सके।

महिला थानों का भी निरीक्षण करेंगे
हनी ट्रैप में महिला थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर सरोज बाला और उसके बाद एक अन्य महिला पुलिस अधिकारी के रिश्वत केस को लेकर सवाल पूछा गया तो महिला आयोग चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने कहा कि महिला थानों की सूरत बदलने का प्रयास किया जाएगा। आयोग भी औचक निरीक्षण कर जांच करेगा।

हल कराना हमारा प्रयास
आयोग की चेयरपर्सन प्रतिभा सुमन ने कहा कि हमारा प्रयास महिलाओं की सुरक्षा करना है। इसके लिए हमारा पहला प्रयास मामले का हल कराना होता है। जहां समझौते की गुंजाइश नहीं रहती, वह केस अदालत में चलता है। आयोग की ओर से काफी महिलाओं को राहत दी गई है। दो दिन में हिसार में 47 केस सुने गए। इनमें अधिकतर महिलाएं दूसरे पक्ष की बजाय पुलिस प्रशासन से तंग मिली।

नहीं आईं दोनों महिला एसपी
महिला आयोग ने हिसार में वीरवार और शुक्रवार दो दिन सुनवाई की। हिसार और हांसी में दोनों महिला एसपी होने के बावजूद दोनों महिला अधिकारी आयोग की बेंच में नहीं पहुंचीं। आयोग की सुनवाई में डीएसपी स्तर के अधिकारी ही मौजूद रहे।

आयोग सदस्य सुमन बेदी ने पहले भी उठाए थे सवाल
इससे पहले महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी ने भी हांसी की एसपी पर आरोप लगाए थे। इसमें आयोग सदस्य सुमन बेदी ने कहा था कि हांसी एसपी उनका फोन नहीं उठाती हैं। आठ बार में उनकी कॉल का जवाब नहीं मिला।
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कॉलेज पहुंची आयोग की टीम
महिला आयोग की टीम शहर के एक कॉलेज में पहुंची। इस कॉलेज के पूर्व प्रिंसिपल पर कॉलेज की महिला लेक्चरर ने गंदे शब्द बोलने के आरोप लगाए थे। इस मामले में आयोग की टीम ने कुुछ शिक्षकों से बातचीत कर उनके बयान लिए।
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