अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
म्हारा क्यां का बरत, म्हारा बरत तो पाछले 18 साल तै चाल रया सै। गाम में पीण न पाणी भी कौन्या। ज्या खातर तो आड़े बैठकर भूख हड़ताल करणी पड़ री सै। लघु सचिवालय के बाहर महाशिवरात्रि के दिन क्रमिक अनशन पर बैठी महिलाओं ने यह बात रखी।
संयुक्त जल संघर्ष समिति के बैनर तले लघुसचिवालय पर जारी अनिश्चितकालीन धरना बुधवार को 31वें दिन में प्रवेश कर गया। इस दौरान महिला किसान पूनम देवी, रोशनी देवी, धापा देवी, सजना देवी व कृष्णा देवी तथा बलवान रोहिला, रामकुमार नाई, सुभा पिलानिया व राजकुमार पनिहार क्रमिक अनशन पर बैठे। धरने की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन बीरबल सुंडावास व पूर्व बीडीओ दिलबाग सिंह हुड्डा ने की। धरने को महेंद्र सिंह नैन एडवोकेट व उनकी टीम ने पहुंचकर अपना समर्थन दिया। इस मौके पर संबोधित करते हुए प्रधान कुरड़ाराम नंबरदार ने कहा कि सरकार किसानों को कड़ा फैसला लेने के लिए मजबूर ना करे। 16 फरवरी तक सरकार क्यूसिक में उलझाने व आश्वासन की बजाए रिजल्ट देने का काम करे। 16 फरवरी की महापंचायत को लेकर सभी व्यापारिक संगठन, सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठन व राजनीतिक संगठनों से संपर्क किया जा रहा है। सभी संगठन 16 फरवरी को सुबह दस बजे एकत्र होंगे और आगामी रणनीति तैयार करेंगे। इस मौके पर महासचिव सतबीर पूनिया, अनिल लौरा, सतबीर झाझडिय़ा, रामबीर न्योली, विजेंद्र बैनीवाल, मास्टर जिले सिंह किरतान, रामकुमार पटवारी मात्रश्याम, रामकुमार ढाका, मान सिंह पचार, रणसिंह कस्वां, भगवान फगेडिय़ा, ओमप्रकाश धीरणवास, ओमप्रकाश भेरियां, कप्तान सिंह गोस्वामी, महाबीर थाकन, बहादर सिंह जांगड़ा, जगदीश ढाका बांडाहेड़ी, हवासिंह झाझडिय़ा, प्रताप सिंह बैनीवाल, रामसिंह सिगड़, रणसिंह लौरा, महाबीर दूत, मास्टर भीम लौरा, राजेंद्र कस्वां सरसाना आदि मौजूद रहे।
म्हारा क्यां का बरत, म्हारा बरत तो पाछले 18 साल तै चाल रया सै
लघु सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठी हैं महिलाएं