हिसार। अंतरजातीय प्रेम विवाह के मामले में अनुसूचित जाति से संबंध रखने वाले राजेश की हत्या के मामले में उच्च न्यायालय ने हरियाणा सरकार, एसपी हिसार और एसएचओ को तीन अक्तूबर को अदालत में तलब किया है।
सनातन धर्म एनजीओ के चेयरमैन संजय चौहान ने बताया कि हाईकोर्ट में राजेश के परिजनों की पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता रामनिवास शर्मा कुश को ट्रस्ट की ओर से ही उपलब्ध करवाया गया है। इस मामले में राजेश के परिजनों ने पुलिस पर भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए सीबीआई जांच की मांग की गई थी। हाईकोर्ट में चल रहे सीआरएमएम 33443-2018 केस में हाईकोर्ट की न्यायाधीश दया चौधरी ने अपने आदेश में हरियाणा सरकार, एसपी हिसार व एसएचओ को मामले की सीबीआई जांच सौंपने बारे स्पष्टीकरण के लिए बुलाया है। अनुसूचित जाति के युवक राजेश द्वारा प्रेम विवाह करने पर 2015 में उसकी निर्ममता से हत्या कर दी गई थी। हाईकोर्ट ने आगामी तीन अक्तूबर को कोर्ट में पेश होकर इस बारे स्पष्टीकरण देने के आदेश दिए गए हैं, क्यों न यह मामला सीबीआई को सौंप दिया जाए।