अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश परमवीर निज्जर की अदालत ने रास्ता रोककर दो चचेरे भाइयों पर जानलेवा हमला करने के जुर्म में तीन दोषियों को तीन-तीन साल की कैद और ढाई-ढाई हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। इनमें सीसवाला का संदीप उर्फ मोगरी, सुरेश और पवन शामिल हैं। अदालत ने तीनों को 24 मई को दोषी करार दिया था।
हिसार सदर थाना पुलिस ने इस संबंध में 1 मार्च 2014 को केस दर्ज किया था। घटना वाले दिन सीसवाला में विनोद और उसके चचेरे भाई कुलबीर को डंडों, कांच की बोतल और ईंट से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया था। शहर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन विनोद ने पुलिस को बयान देकर कहा था कि वह और कुलबीर शाम के समय वाटर वर्क्स के पास पंचायती जमीन पर घूमने गए थे। वहां गांव का पवन, संदीप उर्फ मोगरी, सुरेश और एक अन्य आ गए। उन्होंने डंडों, कांच की बोतल और ईंट से कुलबीर के सिर पर हमला कर दिया। मैंने बीचबचाव किया तो मुझ पर भी हमला कर दिया। मेरा भाई सोनू और ताऊ का बेटा सुरेश शोर सुनकर वहां पहुंचे तो हमलावर फरार हो गए। उसने बताया कि कुलबीर और पवन की गांव में ऑटो में सवारी बिठाने को लेकर 20 दिन पहले कहासुनी हुई थी। तब मामला शांत हो गया था। उसी रंजिश को लेकर पवन ने साथियों के साथ मिलकर हम पर हमला किया है। सदर थाना पुलिस ने नामजद युवकों के खिलाफ रास्ता रोककर जानलेवा हमला करने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया था। अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के बाद पवन, संदीप और सुरेश को दोषी मानकर सजा सुनाई है।