अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
हकृवि में आयोजित टॉप-100 स्टेकहोल्डर्स एग्री मीट-2018 कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के 28 मिनट की प्रेजेंटेशन देकर प्रदेश के किसानों के खुशहाल भविष्य का खाका प्रस्तुत किया।
कृषि मंत्री के प्रेजेंटेशन के खत्म होते ही एचएयू के रिटायर्ड साइंटिस्ट रामकुमार ने कहा, मंत्री जी! इस टारगेट तक पहुंचने के लिए आपको तीन टर्म की जरूरत पड़ेगी। आपके पास अभी केवल डेढ़ साल बचा है। मेरा मंत्र मानो आप इसी सत्र में किसानों का डेढ़ गुना फायदा करा सकते हो। 15 दिन बाद सरसों की खरीद शुरू हो जाएगी, आप सरसों की एमएसपी पर खरीद का एलान करो। हमें स्वामीनाथन आयोग की जरूरत भी नहीं पडे़गी। सरकार हमें बेचने के लिए मजबूर करती है। हमारी फसलों को आढ़ती व्यापारी सस्ते दामों में खरीदते हैं। इसी तरह से मक्का की खरीद तय करो। कृषि मंत्री बोले, आपको एक मिनट का समय दिया था, आप अब बस करो। रेवाड़ी से आए रामकिशन महलावत ने भी फसलों का एमएसपी न मिलने का समर्थन करते हुए कहा कि यह भाव ही दिला दो तो कुछ किसान बच जाएंगे। एचएयू एग्रीकल्चर बिजनेस कॉलेज से रिटायर्ड हेड एसपी चंबोला ने कहा पिछले तीन साल में किसानों की आय बढ़ने की बजाय घटी है। 27 फसलों का एमएसपी तय है। इनका किसानों को फायदा नहीं होता। कृषि मंत्री बोले, आप भटक रहे हो, आपको एक मिनट का समय दिया है।
मंत्री जी! सब्सिडी की जरूरत नहीं, नकली खाद-बीज पर रोक लगवाओ
रोहतक से आए शीलक राम ने कहा कि मंत्री जी! हमें मंडी में जे फॉर्म तक नहीं मिलता। किसानों की मदद करनी है तो कोल्ड स्टोरेज बनवाओ। पलवल से आए रमेश चौहान बोले, मंत्री जी! सब्सिडी की जरूरत नहीं, आप नकली खाद-बीज पर रोक लगवाओ। नकली प्रोडक्ट की भरमार होने के कारण मुझे मैंथा की खेती छोड़ने को मजबूर होना पड़ा। भिवानी से आए रमेश खरकड़ी ने कहा कि सब्जी की फसलों का भी बीमा कराया जाए। सब्जियों की फसलों के एरिया को 12 घंटे पानी दिलाओ। सोनीपत से आए कमल चौहान बोले, मंत्री जी! कैसे करें मशरूम की खेती, किसानों को इसके लिए लोन नहीं मिलता। हिसार के अनिल सैनी ने कहा कि मशरूम की खेती के लिए साढे़ सात रुपये यूनिट बिजली मिलती है। इसका रेट कम कराओ। रेवाड़ी से आए सत्यवान ने कहा हर जिले की डिमांड की जानकारी होनी चाहिए, जिससे किसान उस एरिया में डिमांड सप्लाई के अनुसार फसलें उगाएं। हिसार के विरेंद्र आर्य ने कहा कि नकली डीएपी खाद बेचने वालों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही। केंद्रीय भैंस अनुसंधान केंद्र के निदेेशक डॉ. इंद्रजीत ने कहा कि किसान आयोग ने काफी सिफारिशें दी हैं। इन सिफारिशों को लागू कराएं। लुवास के निदेशक आरडी श्योकंद ने कहा कि हर जिला मुुख्यालय पर किसान भवन बनाए जाएं। अंडा और दूध को मिड-डे मील में शुरू किया जाए।
इस मौके पर आईएएस नवजोत सिंधु, कृषि विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी, निदेशक डीके बेहरा, एचएयू कुलपति प्रो. केपी सिंह, हरियाणा किसान आयोग के चेयरमैन डॉ. रमेश यादव, आयोग के सचिव डॉ. आरएस दलाल के अलावा एचएयू के अन्य प्रोफेसर उपस्थित थे।