हिसार। इकोनॉमिक वीकर सेक्शन सर्टिफिकेट बनवाने वालों से तहसील कार्यालय में दो हजार रुपये का किरायानामा मांगने पर लोगों ने आपत्ति जताई है। नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन ने तो बाकायदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल को ट्विटर पर इसकी शिकायत भेजी है।
महाजन का कहना है कि एक साल से अधिक किराये पर दो हजार रुपये का किरायानामा लेने का नियम है। मगर तहसील व नगर निगम के अधिकारी 11 महीनों से किराये पर रहने वालों से भी दो हजार रुपये का किरायानामा मांग रहे हैं। इससे लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
नगर निगम में मामला उठा तो ईओ ने बुलाए कर्मचारी
नगर निगम में बुधवार को ढाणी श्यामलाल निवासी प्रद्युमन अपना ईडब्ल्यूएस सर्टिफिकेट बनवाने पहुंचे। प्रद्युमन ने अपने फार्म के साथ 21 रुपये का रेंट एग्रीमेंट लगाया हुआ था। उसकी फाइल को कर्मचारियों ने रिजेक्ट कर दिया और उसे 2 हजार रुपये का रेंट एग्रीमेंट लाने के लिए कहा गया। इसकी सूचना प्रद्युमन ने पूर्व डिप्टी मेयर भीम महाजन को दी। उन्होंने निगम पहुंचकर ईओ के समक्ष मामला उठाया। ईओ ने ब्रांच के कर्मचारियों व अधीक्षक को बुलाकर पूछा। अधीक्षक ने उन्हें बताया कि एक साल से अधिक किराये पर रहने वालों से 2 हजार रुपये का रेंट एग्रीमेंट लिया जाएगा जबकि इससे कम वालों का कितना भी रेंट एग्रीमेंट चलेगा।
नगर निगम में पार्षद की वेरिफिकेशन चलेगी
मामला उठने के बाद ईओ ने सभी कर्मचारियों को आदेश दिया कि नगर निगम में आने वाली फाइल में अगर पार्षद वेरिफिकेशन करके दे दे तो उससे कोई एग्रीमेंट नहीं लिया जाएगा। निगम पार्षद की वेरिफिकेशन के आधार पर तय हो जाएगा कि आवेदक उनके वार्ड में किराये पर रहता है।
दो हजार रुपये के रेंट एग्रीमेंट का नियम सरकारी स्तर पर ही बना हुआ है। अगर कोई व्यक्ति अपने किसी रिश्तेदार के पास रहता है और किराया नहीं देता है, तो वह रिश्तेदार से एफिडेविट दिलवा सकता है।
- विनय चौधरी, तहसीलदार।