हिसार। सड़क सुरक्षा समीक्षा बैठक में डीसी अशोक कुमार मीणा ने न केवल नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों, बल्कि नगर निगम, पुलिस विभाग व अन्य विभागों के अधिकारियों की भी खिंचाई की। डीसी सख्त मूड में दिखाई दिए और उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि हिसार को ऐसा जिला बनाया जाए, जहां दुर्घटना से किसी की मृत्यु न हो। इसके लिए अधिकारियों के साथ गहन मंथन करते हुए सड़क सुरक्षा उपायों का खाका तैयार किया गया। कॉन्फ्रेंस कक्ष में आयोजित बैठक में डीसी ने कहा कि जिले में होने वाली प्रत्येक सड़क दुर्घटना का ऑडिट हो और दुर्घटना के असली कारणों की पहचान की जाए।
इसके अलावा डीसी ने स्पष्ट किया कि जिले में कहीं भी सड़क दुर्घटना हो तो 24 घंटे के अंदर रोड सेफ्टी एसोसिएट, संबंधित सड़क के स्वामित्व वाले विभाग का अधिकारी, क्षेत्र का एसएचओ व ट्रैफिक इंस्पेक्टर दुर्घटना स्थल का दौरा करें और दुर्घटना के कारणों का पता लगाएं ताकि उन्हें ठीक करवाकर भविष्य में सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को समाप्त किया जा सके। सड़क दुर्घटनाओं के अन्य कारणों पर चर्चा करते हुए डीसी ने निर्देश दिए कि शहर में सड़कों के किनारे कूड़ा डालने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सीसीटीवी या अन्य माध्यम से वीडियो रिकॉर्डिंग करवाकर ऐसे लोगों का चालान किए जाएं। उन्होंने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के ईओ को सभी सेक्टरों में किए गए अवैध कब्जों को तुरंत प्रभाव से हटवाने के निर्देश दिए।
एनएचएआई के अधिकारियों को लगाई फटकार
राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरक्षा उपायों के संबंध में दिए गए निर्देशों की अनुपालना में ढिलाई मिलने पर एनएचएआई के अधिकारियों को लगाई फटकार
- यदि राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटना होती है तो अधिकारियों के खिलाफ बाइनेम एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी
- यह अधिकारियों की जिम्मेदारी है कि वे सड़क को दुर्घटनामुक्त बनाने के लिए आवश्यक प्रबंध करें।
- जो कार्य ठेकेदार के माध्यम से होना है, उसे प्राथमिकता के आधार पर करवाएं।
- एनएचएआई के पास दुर्घटना की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम होनी अनिवार्य है।
नगर निगम को दिए निर्देश
- नगर निगम अधिकारियों को शहर की सभी खराब लाइटों को ठीक करवाने तथा इनकी समयावधि भी दुरुस्त करवाने को कहा।
- शहर में साइकिल मार्ग तैयार करवाया जाए और प्रथम चरण में किसी एक सड़क पर प्रयोग के तौर पर साइकिल मार्ग बनवाया जाए।
- नगर निगम व हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण मिलकर साइकिल मार्ग के लिए सड़क चिह्नित करें।
- शहर में सड़क के किनारे खड़े किए जाने वाले वाहनों को उठवा लिया जाए और जुर्माना देने के बाद ही छोड़ा जाए।
- नो पार्किंग में खड़े वाहनों को उठाने के लिए नगर निगम छोटी क्रेन खरीदें।
अस्पताल से पारिजात चौक तक नो पार्किंग जोन बनाने के निर्देश
एडीसी अमरजीत सिंह मान ने बताया कि सभी स्कूलों के सामने संकेत बोर्ड लगवाने के लिए नगर निगम को 8 लाख रुपये दिए गए हैं। डीसी ने यह कार्य 10 दिन में पूरा करवाने के निर्देश दिए। रोड सेफ्टी एसोसिएट शुभम ने बताया कि जिले में 30 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए गए हैं। डीसी ने संबंधित विभागों को अपनी-अपनी सड़कों से ब्लैक स्पॉट ठीक करवाने की हिदायतें अधिकारियों को दी। उन्होंने कहा कि नागरिक अस्पताल से परिजात चौक तक नो पार्किंग जोन बनाना सुनिश्चित करें। यहां लगाई जाने वाली रेहड़ियों को अन्य जगह पर उचित स्थान उपलब्ध करवाया जाए ताकि उनकी रोजी-रोटी भी चलती रहे। उन्होंने हांसी-भिवानी व हांसी-तोशाम सड़क के किनारे लगे बिजली के खंभों व ट्रांसफार्मर आदि को हटाने के भी निर्देश दिए।