हिसार। डीसी अशोक कुमार मीणा ने नागरिक अस्पताल से पारिजात चौक तक नो पार्किंग जोन बनाने के निर्देश सड़क सुरक्षा समीक्षा मीटिंग में अधिकारियों को दिए, लेकिन हालात जिंदल चौक तक के बुरे हैं। सड़क के दोनों ओर वाहनों को खड़ा किया जाता है। खास बात यह है कि ट्रैफिक पुलिस भी इस मामले में कुछ ठोस कदम उठाने से बचती है। उसके पास मिनी क्रेन नहीं है, जिस कारण वह वाहनों को जब्त करने की स्थिति में ही नहीं है। ऐसे में वाहन चालकों के हौसले बुलंद हैं और खामियाजा सड़कों से गुजरने वाले वाहन चालकों को भुगतना पड़ता है।
यहां के हालात बदतर
माल रोड पर हालात बदतर हैं। यहां पर कैंप चौक से मटका चौक तक के रास्ते में कई मॉल हैं। इनमें दिनभर में हजारों लोगों का आना-जाना होता है। अनेक लोग गाड़ियों से आते हैं और अपनी गाड़ियों को सड़क किनारे ही पार्क करते हैं, क्योंकि मॉल मालिकों ने अपनी कागजों में दिखाई पार्किंग की जगह में दुकानें बनाकर अतिरिक्त कमाई का साधन बनाया हुआ है। नतीजा यह है कि इनमें आने वाले ग्राहक अपने वाहनों को मॉल वाली सड़क पर और दूसरी ओर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस की तरफ सड़क पर ही पार्क करते हैं। ऐसे में करीब 30-30 फुट की सड़क मात्र 20 से 22 फुट की रह जाती है।
जिंदल अस्पताल रोड का डिवाइडर बना है पार्किंग
इधर जिंदल अस्पताल रोड का डिवाइडर ही पार्किंग बना हुआ है। लोग डिवाइडर के ऊपर अपनी गाड़ियां पार्क करके चलते जाते हैं। दूर तक डिवाइडर पर दोपहिया और चार पहिया वाहन खड़े दिखाई देते हैं। इतना ही नहीं सड़क के दोनों ओर जहां दुकानें नहीं हैं या बंद हैं, वहां उनके सामने भी वाहन पार्क किए होते हैं। ऐसे में अच्छी-खासी खुली सड़क संकरी नजर आती है और यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती है।
बाकी रोड की भी यही स्थिति
डाबड़ा चौक पुलिस से लेकर जिंदल चौक तक के भी कमोबेश यही हालात हैं। डाबड़ा चौक के समीप ही पंजाब नेशनल बैंक है। यहां से लेकर पुष्पा कॉम्प्लेक्स और जिंदल चौक तक वाहनों की लंबी लाइन सड़क पर ही लगी होती है। दूसरी ओर की सड़क पर बीच-बीच में फास्ट फूड व आइसक्रीम आदि की रेहड़ियां लगती हैं, जो शाम होते-होते कई गुना बढ़ जाती हैं। गाड़ियों में से लोग इन रेहड़ियों पर खाते हैं तो गाड़ियां सड़क पर खड़ी करके खरीददारी करते हैं। यही नजारा टाउन पार्क के पास होता है। रेहड़ियों की भरमार के कारण यहां दिन ढलने के बाद जाम जैसे हालात रात 9-10 बजे तक देखने को मिलते हैं।
हमने मीटिंग में डीसी साहब के सामने मिनी क्रेन न होने की बात रखी थी। उन्होंने निगम को मिनी क्रेन खरीदने के निर्देश दिए हैं। क्रेन मिलने के बाद व्यवस्था में सुधार किया जाएगा। हमारी ओर से फिलहाल भी कार्रवाई जारी है और वाहनों के चालान काटे जाते हैं।
- इंस्पेक्टर शमशेर सिंह, ट्रैफिक एसएचओ, हिसार।