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डीसी बोले- बिजली और बैंक अधिकारी पब्लिक को तंग करने में सबसे ज्यादा एक्सपर्ट

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हिसार। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक वीरवार को लघु सचिवालय स्थित जिला सभागार में हुई। बैठक की अध्यक्षता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने की। उनके साथ डीसी अशोक मीणा ने बैठक का संचालन किया।
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बैठक में बिजली निगम और बैंक संबंधी शिकायतें रखी गईं और अधिकारियों द्वारा मामलों को लटकाने का प्रयास किया गया तो डीसी ने मंत्री को अवगत करवाते हुए कहा कि बिजली और बैंक अधिकारी पब्लिक को तंग करने में सबसे ज्यादा एक्सपर्ट हैं। पहले भी उनके सामने कई शिकायतें आ चुकी हैं। उन्होंने बिजली निगम के एसई को डांटते हुए कहा कि कृपया करके अपने कानून मत बनाया करो। किसी की समस्या का समाधान करना हो तो बहुत से रास्ते हैं। इसी तरह उन्होंने एलडीएम को भी अपने बैंक की कार्यप्रणाली में सुधार करवाने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता बोला, कनेक्शन देने के नाम पर मांग रहे 10 हजार रुपये
बैठक में गांव चूली बागड़ियान निवासी विनोद कुमार ने शिकायत रखी कि उसके खेत के ट्यूबवेल का पानी खारा हो गया है। वह अपना कनेक्शन गांव के लाल डोरे से बाहर स्थित प्लॉट में शिफ्ट करवाना चाहता है। मगर बिजली निगम कनेक्शन शिफ्ट नहीं कर रहा। उसने आरोप लगाया कि अधिकारी 10 हजार रुपये भी मांग रहे हैं। जब डीसी ने जवाब मांगा तो एसई ने दो एकड़ कृषि भूमि एक स्थान पर होने संबंधी नियम का हवाला दिया। इस पर डीसी ने डांट लगाते हुए कहा कि अपने नियम खुद मत बनाया करो। इस नियम में कहीं नहीं लिखा कि दो एकड़ भूमि एक स्थान पर होनी चाहिए। इसलिए तुरंत शिकायतकर्ता को कनेक्शन दिया जाए। वहीं 10 हजार रुपये मांगने के मामले की जांच के लिए मंत्री ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई, जिसमें एसडीएम हिसार, तहसीलदार और जन परिवाद समिति के सदस्य मुनीष ऐलावादी को शामिल किया और आदेश दिए कि वे अपनी रिपोर्ट आगामी बैठक में प्रस्तुत करें।
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एलडीएम से बोले, तुम्हारा वकील ढंग का नहीं
सूर्य नगर निवासी नन्ही देवी ने शिकायत की कि उनका बेटा मुकेश कुमार पीएनबी माडल टाउन ब्रांच में स्वीपर के पद पर पक्का कर्मचारी था। मुकेश व उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। अब मुकेश का चार वर्षीय बेटा नकुल उसके साथ है। बैंक नकुल को सेवा लाभ नहीं दे रहा है। इस पर मांगे गए जवाब में एलडीएम ने कहा कि यह कोर्ट से आदेश लेना होगा कि नकुल का अभिभावक किसे माना जाए। इस पर डीसी ने एलडीएम को जवाब दिया कि तुम्हारा वकील ढंग का नहीं है, पहले ढंग का वकील करो। इस पर डीसी ने कहा कि मृतक कर्मचारी की मां से बड़ा प्राकृतिक अभिभावक कौन होगा। कोर्ट से तब आदेश लेने होते हैं, जब कोई अभिभावक न बचा हो। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि तुम्हारे ही बैंक के कर्मचारी का मामला कष्ट निवारण समिति की बैठक में डालना पड़ा है। उन्होंने एलडीएम को तुरंत प्रभाव से चार वर्षीय बच्चे नकुल और उसकी दादी नन्ही देवी का संयुक्त अकाउंट खुलवा कर सेवा लाभ देने के आदेश दिए।
मंत्री से बोले निगरानी कमेटी अध्यक्ष, एक्सईएन को ठीक करो
बैठक में गीता कॉलोनी निवासी दलीप सिंह ने अपनी गली में पेयजल सप्लाई की समस्या को रखा। जन स्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन कभी मोटर की कमी तो कभी आपसी रंजिश का हवाला देने लगे। इस पर मेयर गौतम सरदाना और नलवा के पूर्व विधायक रणबीर गंगवा ने भी शिकायतकर्ता का पक्ष लेकर अधिकारियों पर सवाल खड़े कर दिए। गंगवा ने सप्लाई छोड़ने वाले कर्मचारी का ट्रांसफर नहीं करने पर एक्सईएन केके गिल को डांट लगाई। मेयर ने भी जवाब मांगा। इस पर निगरानी कमेटी के अध्यक्ष प्रवीण जैन ने खड़े होकर मंत्री से कहा कि विधायक और मेयर तक शिकायत कर रहे हैं। फिर भी एक्सईएन संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं, ऐसे एक्सईएन को ठीक करना चाहिए। इस पर मंत्री ने एक्सईएन से जवाब मांगा।
अग्रसेन भवन के सामने बेच रहे शराब, एफआईआर के आदेश
बैठक में जब आबकारी एवं कराधान विभाग से संबंधित शिकायतें रखी गईं तो भाजपा नेताओं ने मंत्री को बताया कि अग्रसेन भवन, मिलगेट आदि एरिया में खुलेआम शराब बेची जाती है। इस पर डीसी ने ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए। वहीं अधिकारियों को पुलिस के साथ मिलकर अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ स्पेशल अभियान चलाने के निर्देश दिए।
44 केस दर्ज हैं तो क्या मेरे हिस्से का अनाज खा जाएंगे
बैठक में हांसी की दयाल सिंह कॉलोनी निवासी गुलशन राय ने खाद्य एवं पूर्ति विभाग से संबंधित शिकायत रखी। इस पर डीएफएससी ने जवाब दिया कि इस शिकायतकर्ता के खिलाफ 44 केस दर्ज हैं और यह व्यक्ति फ्रॉड किस्म का है। डीएफएससी का यह जवाब सुनकर शिकायतकर्ता बोला कि मेरे पर 44 केस हैं तो क्या मेरे हिस्से का अनाज खा जाएंगे। इस पर मंत्री ने कमेटी बनाकर मामले की जांच के आदेश दिए।
भाजपा नेताओं ने अधिकारियों की कार्यशैली पर उठाए बार-बार सवाल
बैठक में जो भी शिकायत रखी जाती तो अगली पंक्ति में बैठे भाजपा नेता बार-बार खड़े होकर अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते नजर आए। पूर्व जिलाध्यक्ष कृष्ण रिणवा, पार्षद भूपसिंह रोहिल्ला, डॉ. योगेश बिदानी, मुनीष ऐलावादी और प्रवीण जैन मंत्री के सामने अधिकारियों से सवाल जवाब करते रहे।
बिजली निगम और पुलिस विभाग से सबसे ज्यादा तीन-तीन शिकायतें शामिल रहीं
बैठक में कुल 15 शिकायतें रखी गईं। इनमें पशुपालन विभाग एवं डेयरी विभाग से एक, बिजली निगम से तीन, पुलिस विभाग तीन, एलडीएम ऑफिस से दो, कृषि विभाग से एक, आबकारी एवं कराधान कार्यालय से एक, उप श्रम आयुक्त से एक, खाद्य एवं पूर्ति विभाग से एक और जन स्वास्थ्य विभाग से संबंधित दो शिकायतें रहीं।
ये रहीं शिकायतें
शिकायत नंबर 1 - गांव गैबीपुर निवासी चंद्रभान ने दो भैंसों पर लोन लिया था। मगर सब्सिडी नहीं मिली। अधिकारियों ने जवाब दिया कि मामले का केस बनाकर नाबार्ड को भेज दिया गया है। यह मामला पिछली बैठक में भी रखा गया था।
शिकायत नंबर 2 - हांसी की हनुमान कालोनी निवासी रविंद्र कुमार ने बताया कि जून 2017 में केएबीएच योजना के तहत बिजली निगम ने उसके पुराने मीटर की जगह नया मीटर लगा दिया और बिजली निगम ने गलत गणना के आधार पर बिजली बिल एक लाख 49 हजार 232 रुपये जमा करवा लिए। मगर उसे पूरी राशि रिफंड नहीं की। मंत्री ने बिजली निगम को बिल खपत की पुन: गणना करके उपभोक्ता के खाते में रिफंड की राशि जमा करवाकर अगली बैठक में अवगत करवाने के आदेश दिए। इस शिकायत को पिछली बैठक में भी रखा गया था।
शिकायत नंबर 3 - गांव नंगथला निवासी रितिका, ममता, किरण, कुसुम ने डाकघर की गड़बड़ी को लेकर शिकायत रखी। इस पर मंत्री ने जांच के लिए कमेटी गठित कर अगली बैठक में मामला रखने को कहा। हालांकि यह मामला पिछली बैठक में भी रखा गया था।
शिकायत नंबर 4 - गांव फरीदपुर निवासी रविकांत ने अपने भाई की योजनाबद्ध तरीके से हत्या करने का मामला रखा। इस पर भी मंत्री ने जांच करके अगली बैठक में रिपोर्ट रखने को कहा।
शिकायत नंबर 5 - गांव बास आजमशाहपुर निवासी रामअवतार ने जमीनी विवाद का मामला रखा। इस पर भी मंत्री ने जांच के लिए कमेटी गठित कर अगली बैठक में रिपोर्ट देने को कहा।
शिकायत नंबर 6 - गांव मिरकां निवासी रामसिंह ने बिजली के तारों पर पेड़ गिरने की शिकायत रखी। इस पर बताया गया कि शिकायत निपटा दी गई है।
शिकायत नंबर 7 - गांव चूली बागड़ियान निवासी विनोद कुमार ने ट्रांसफार्मर का कनेक्शन शिफ्ट करने के लिए मांग रखी तो अधिकारियों को खरी खोटी सुनाकर उसको कनेक्शन जारी करने के निर्देश दिए गए।
शिकायत नंबर 8 - सूर्यनगर निवासी नन्हीं देवी ने पोते को सेवा लाभ देने की मांग की, जिसका समाधान करवाकर एलडीएम को संयुक्त अकाउंट खुलवाकर सेवा लाभ देने के निर्देश दिए गए।
शिकायत नंबर 9 - गांव पीरांवाली निवासी त्रिलोक सिंह ने पेंशन संबंधी शिकायत रखी, जिसका समाधान करवा दिया गया।
शिकायत नंबर 10 - गांव किरोड़ी निवासी भतेरी ने गेहूं की फसल खराब करने का मामला रखा। इसकी जांच के लिए मंत्री ने कमेटी गठित करके जांच रिपोर्ट अगली बैठक में रखने के आदेश दिए।
शिकायत नंबर 11 - गांव बीड़ बबरान के लोगों ने अवैध शराब बेचने की शिकायत रखी। इस पर मंत्री व डीसी ने अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ स्पेशल अभियान चलाने के निर्देश दिए।
शिकायत नंबर 12 - गांव खरकड़ा निवासी कुलदीप ने मजदूरी नहीं देने की शिकायत रखी थी। मगर इस शिकायत का निपटान करवा दिया गया।
शिकायत नंबर 13 - हांसी की दयाल सिंह कॉलोनी निवासी गुलशन राय ने राशन डिपो पर गेहूं के बदले बाजरा देने की शिकायत रखी। इसकी जांच के लिए भी मंत्री ने कमेटी गठित की।
शिकायत नंबर 14 - गीता कॉलोनी निवासी दलीप सिंह ने पेयजल सप्लाई नहीं आने की शिकायत रखी। मंत्री ने मोटर लगाकर या कोई और व्यवस्था करके पेयजल सप्लाई पहुंचाने के आदेश दिए।
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शिकायत नंबर 15 - गांव बिछपड़ी निवासी खजान सिंह ने पानी की चोरी का मामला रखा। इस शिकायत का भी निपटान करवा दिया गया।
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